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तमिलनाडु: मुख्यमंत्री थिरु एस. जोसेफ विजय ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग

संपादक: By Reporter | प्रकाशित: 17 जुलाई 2026, 12:37 अपराह्न
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चेन्नई, 16 जुलाई 2026। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थिरु एस. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को चेन्नई स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की योजनाओं, परियोजनाओं और विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के कृषि क्षेत्र को अधिक आधुनिक, टिकाऊ, लाभकारी और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की सभी किसान हितैषी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।

बैठक में कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग, डिजिटल सेवाओं, कृषि विपणन, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती तथा कृषि अनुसंधान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों से प्रत्येक योजना की वर्तमान प्रगति, वित्तीय स्थिति, लक्ष्य और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और लाखों परिवार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र पर निर्भर हैं। ऐसे में सरकार का प्राथमिक उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना, खेती की लागत कम करना तथा उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक योजना की नियमित निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को समझते हुए ऐसी नीतियां बना रही है, जिनसे कृषि लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने किसानों तक आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरकों, कृषि यंत्रों तथा वैज्ञानिक सलाह को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में आधुनिक सिंचाई प्रणालियों का विस्तार किया जा रहा है तथा जल संरक्षण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर सिंचाई, वर्षा जल संचयन और माइक्रो इरिगेशन जैसी योजनाओं के माध्यम से पानी की बचत और कृषि उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने मौसम आधारित कृषि सलाह, डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप और कृषि सूचना केंद्रों के माध्यम से किसानों तक समय पर जानकारी पहुंचाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों को शीघ्र राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।

बैठक में कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने, भंडारण सुविधाओं के विस्तार तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के विषय पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और उपभोक्ताओं के बीच बेहतर बाजार व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहन तथा निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सहकारी समितियों तथा स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को संगठित कर उन्हें आधुनिक बाजार व्यवस्था से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषि मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर और सब्सिडी योजनाओं के प्रभावी संचालन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग से खेती की लागत कम होगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री थिरु एस. जोसेफ विजय ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक योजना का लाभ पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था के माध्यम से पात्र किसानों तक पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को समय-समय पर जिलों का दौरा करने तथा किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की समृद्धि को राज्य के समग्र विकास की आधारशिला मानती है और कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कृषि अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों तथा विशेषज्ञों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया ताकि नई तकनीकों, जलवायु अनुकूल फसल किस्मों और आधुनिक खेती के मॉडल को तेजी से किसानों तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से तमिलनाडु कृषि क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा किसानों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभागीय सचिव, विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन का आश्वासन दिया।

Report : GT Express