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नेपाल में खाद्य सुरक्षा को मिली नई मजबूती, ACT परियोजना का सफल समापन; FAO नेपाल ने साझा

संपादक: By Reporter | प्रकाशित: 11 Jul 2026, 10:16 AM
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काठमांडू | नेपाल में खाद्य सुरक्षा (Food Safety) और खाद्य जनित एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (Foodborne Antimicrobial Resistance-AMR) के विरुद्ध चलाए गए Action to Support Implementation of Codex AMR Texts (ACT) Project का सफल समापन हो गया। इस अवसर पर आयोजित Lesson Sharing and Closure Meeting में परियोजना के चार वर्षों के अनुभव, उपलब्धियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। नवंबर 2022 से शुरू हुई इस परियोजना को संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि संस्था (FAO) नेपाल ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया, जबकि नेपाल के Department of Food Technology and Quality Control (DFTQC) ने Department of Livestock Services (DLS) के साथ मिलकर इसका क्रियान्वयन किया। परियोजना को दक्षिण कोरिया के Ministry of Food and Drug Safety (MFDS) द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इस परियोजना का उद्देश्य नेपाल में खाद्य सुरक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाना, खाद्य श्रृंखला में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की रोकथाम, Codex मानकों को लागू करना, वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना तथा “वन हेल्थ” (One Health) दृष्टिकोण के तहत विभिन्न संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना था।


चार वर्षों में तैयार हुई मजबूत नींव

समापन समारोह में परियोजना की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया गया कि ACT परियोजना ने नेपाल में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस दौरान खाद्य सुरक्षा संबंधी जन-जागरूकता अभियान, AMR निगरानी प्रणाली का विस्तार, वैज्ञानिक शोध, प्रयोगशालाओं की क्षमता वृद्धि तथा नीति निर्माण के लिए प्रमाण-आधारित आंकड़े उपलब्ध कराने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि खाद्य जनित एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं बल्कि कृषि, पशुपालन, पर्यावरण और खाद्य उत्पादन से जुड़ा बहुआयामी मुद्दा है। इसलिए “वन हेल्थ” दृष्टिकोण के तहत सभी संबंधित विभागों और संस्थानों का समन्वय अत्यंत आवश्यक है।


FAO ने निभाई केंद्रीय भूमिका

परियोजना के दौरान FAO नेपाल ने तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराते हुए सरकारी संस्थानों, शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर कार्य किया। संगठन ने Codex मानकों के अनुपालन, खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन तथा वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन समारोह में FAO के भूटान और नेपाल के प्रतिनिधि केन शिमिजु (Ken Shimizu) ने कहा कि FAO नेपाल सरकार और सभी साझेदार संस्थाओं के साथ मिलकर भविष्य में भी तकनीकी सहयोग जारी रखेगा। हमारा उद्देश्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करना, साझेदारी को मजबूत बनाना तथा अधिक टिकाऊ, समावेशी और लचीली कृषि-खाद्य प्रणाली का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि ACT परियोजना केवल एक परियोजना नहीं बल्कि नेपाल में दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुधार की आधारशिला साबित हुई है।


700 से अधिक नमूनों की जांच, छात्रों और युवाओं को मिला प्रशिक्षणपरियोजना के अंतर्गत पोल्ट्री वैल्यू चेन से 700 से अधिक नमूनों का एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के लिए परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त— सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर AMR पर दो पायलट अध्ययन पूरे किए गए।
12 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
600 से अधिक छात्रों को Codex, खाद्य सुरक्षा और AMR के विषय में प्रशिक्षित किया गया।
600 से अधिक युवाओं को खाद्य सुरक्षा, AMR जागरूकता अभियान से जोड़ा गया।
आधुनिक प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाने पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किए गए।
LC-MS/MS तकनीक को संचालन में लाकर खाद्य पदार्थों में पशु-चिकित्सा दवाओं के अधिकतम अवशेष सीमा (Maximum Residue Limit-MRL) के लिए आधारभूत आंकड़े तैयार किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि इन वैज्ञानिक आंकड़ों से भविष्य में खाद्य गुणवत्ता नियंत्रण और नीति निर्माण को मजबूत आधार मिलेगा।


वन हेल्थ मॉडल को मिला नया विस्तार

ACT परियोजना ने यह स्पष्ट किया कि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस केवल अस्पतालों तक सीमित समस्या नहीं है बल्कि इसका संबंध पशुपालन, कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यावरण से भी जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि पशुओं में एंटीबायोटिक दवाओं का अनियंत्रित उपयोग जारी रहता है तो इसका सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसलिए पशु स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। परियोजना के तहत विकसित निगरानी प्रणाली, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक प्रयोगशालाएं तथा वैज्ञानिक डेटा आने वाले वर्षों में नेपाल को खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में और अधिक सक्षम बनाएंगे। समापन बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, विकास साझेदारों तथा विशेषज्ञों ने परियोजना की सफलता की सराहना करते हुए इसे भविष्य के लिए एक आदर्श मॉडल बताया। कार्यक्रम में यह भी दोहराया गया कि Codex मानकों का प्रभावी कार्यान्वयन न केवल सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में सहायक होगा बल्कि नेपाल के कृषि एवं खाद्य उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ाएगा।

Report : GT Express