काठमांडू | नेपाल सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को देश की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख आधार बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने होटल उद्योग से जुड़े व्यवसायियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार पर्यटन क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से समझती है और होटल मालिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए तेज़ी से कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र केवल निवेशक नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण साझेदार है और सरकार सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में व्यापक सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय, सिंहदरबार में आयोजित होटल एसोसिएशन ऑफ नेपाल (HAN) के प्रतिनिधियों के साथ हुई विशेष बैठक में संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल भी उपस्थित रहे। बैठक में पर्यटन उद्योग के सामने मौजूद चुनौतियों, होटल व्यवसाय की संभावनाओं, विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, रोजगार सृजन तथा नेपाल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
होटल उद्योग को सरकार का भरोसा
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि नेपाल की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालय, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र है। यदि इन संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए तो पर्यटन देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार होटल व्यवसायियों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही उन्होंने व्यवसायियों से भी आग्रह किया कि वे कानून का पालन करें, छोटे और मध्यम स्तर के होटलों का विधिवत पंजीकरण कराएं तथा उन्हें कर व्यवस्था के दायरे में लाएं। उनका कहना था कि व्यवस्थित होटल उद्योग ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की विश्वसनीयता बढ़ा सकता है। प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) मॉडल को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर पर्यटन के लिए नई योजनाओं पर कार्य करेंगे, जिससे देश में बड़े पैमाने पर निवेश ,रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
40 लाख पर्यटकों को संभालने की क्षमता, लेकिन आ रहे केवल 12 लाख
बैठक में होटल एसोसिएशन ऑफ नेपाल (HAN) के पदाधिकारियों ने बताया कि नेपाल का होटल उद्योग प्रतिवर्ष लगभग 40 लाख (4 मिलियन) पर्यटकों को सेवाएं देने की पूरी क्षमता रखता है। इसके बावजूद वर्तमान में केवल लगभग 12 लाख (1.2 मिलियन) विदेशी पर्यटक ही नेपाल पहुंच रहे हैं। एसोसिएशन ने कहा कि यदि सरकार प्रभावी पर्यटन नीति अपनाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल का बेहतर प्रचार-प्रसार करे, तो आने वाले वर्षों में पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ सकती है।
HAN के अधिकारियों के अनुसार पर्यटन क्षेत्र में वृद्धि का सीधा लाभ देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा। होटल, ट्रैवल एजेंसी, एयरलाइंस, टैक्सी, हस्तशिल्प, कृषि, खाद्य उद्योग और स्थानीय व्यवसायों में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे। इससे नेपाली युवाओं को विदेश जाकर रोजगार तलाशने की मजबूरी भी काफी हद तक कम होगी। व्यवसायियों ने कहा कि पर्यटन केवल होटल उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की संपूर्ण आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र बन सकता है।
हेल्थ टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग और क्रॉस-बॉर्डर टूरिज्म पर विशेष
बैठक के दौरान होटल व्यवसायियों ने नेपाल में मौजूद नई पर्यटन संभावनाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हेल्थ टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग और क्रॉस-बॉर्डर टूरिज्म आने वाले वर्षों में नेपाल की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। व्यवसायियों का कहना था कि नेपाल में आधुनिक अस्पताल, प्राकृतिक वातावरण, योग, आयुर्वेद, हिमालयी जलवायु और अपेक्षाकृत कम खर्च स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त हैं। इसी प्रकार डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए नेपाल के पर्वतीय रिसॉर्ट, झीलों के किनारे स्थित होटल, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक सौंदर्य दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। क्रॉस-बॉर्डर टूरिज्म के संदर्भ में भारत और चीन जैसे विशाल बाजारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, हवाई और सीमा पार सुविधाएं विकसित कर नेपाल लाखों अतिरिक्त पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।
सरकार के सामने रखीं महत्वपूर्ण मांगें
होटल एसोसिएशन ऑफ नेपाल ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव और मांगें प्रस्तुत कीं। सबसे पहले होटल उद्योग को विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) उद्योग की तरह बिजली के टैरिफ में विशेष छूट देने की मांग की गई। उनका कहना था कि बिजली की लागत होटल संचालन का बड़ा हिस्सा है और रियायत मिलने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। दूसरी प्रमुख मांग पर्यावरणीय मूल्यांकन (Environmental Assessment) की सीमा बढ़ाने की थी। वर्तमान व्यवस्था में 25 बेड वाले होटल तक सरल प्रक्रिया लागू होती है। व्यवसायियों ने इसे बढ़ाकर 50 बेड तक करने का अनुरोध किया छोटे और मध्यम निवेशकों को राहत मिल सके। बैठक में पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और भैरहवा (गौतम बुद्ध) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को पूर्ण क्षमता से संचालित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। उनका कहना था कि इन दोनों हवाई अड्डों के पूरी तरह सक्रिय होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही नेपाल एयरलाइंस की सेवाओं को अधिक प्रभावी और प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
ट्रेडमार्क रॉयल्टी और विदेशी निवेश कानून में संशोधन की मांग
व्यवसायियों ने Foreign Investment and Technology Transfer Act, 2075 BS में ट्रेडमार्क रॉयल्टी पर लागू 5 प्रतिशत सीमा को संशोधित करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय होटल ब्रांड नेपाल में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन रॉयल्टी संबंधी वर्तमान प्रावधान कई बार निवेश को प्रभावित करते हैं। यदि आपसी सहमति के आधार पर रॉयल्टी तय करने की अनुमति मिले तो विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और नेपाल में विश्वस्तरीय होटल श्रृंखलाओं का विस्तार होगा।
डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए आसान हो नियम
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि विदेशी विवाह समारोहों के लिए नेपाल आने वाले परिवारों को आभूषण (ज्वेलरी) और अन्य आवश्यक वस्तुएं लाने की प्रक्रिया सरल बनाई जाए। व्यवसायियों का कहना था कि भारत सहित कई देशों के लोग नेपाल में शादी समारोह आयोजित करना चाहते हैं, लेकिन जटिल सीमा शुल्क और आयात नियमों के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि इन प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए तो नेपाल दक्षिण एशिया का प्रमुख डेस्टिनेशन वेडिंगहब बन सकता है।
हेल्थ टूरिज्म के लिए समग्र पैकेज तैयार करने का सुझाव
होटल एसोसिएशन ने सरकार को सुझाव दिया कि हेल्थ टूरिज्म के लिए केवल अस्पताल ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण अनुभव देने वाला पैकेज विकसित किया जाए। इस पैकेज में विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक अस्पताल, होटल, पुनर्वास सेवाएं, योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक भ्रमण, सांस्कृतिक अनुभव और पर्यटन गतिविधियों को शामिल किया जाए। व्यवसायियों का मानना है कि इस प्रकार की समग्र योजना नेपाल को दक्षिण एशिया के प्रमुख हेल्थ टूरिज्म गंतव्य के रूप में स्थापित कर सकती है।
पर्यटन से रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नेपाल में पर्यटकों की संख्या 12 लाख से बढ़कर 40 लाख तक पहुंचती है तो देश की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिलेगा। हजारों नए होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल कंपनियां, गाइड सेवाएं, हस्तशिल्प उद्योग, परिवहन सेवाएं और स्थानीय कृषि क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं के लिए देश के भीतर ही रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी बनेगी सफलता की कुंजी
बैठक के अंत में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि सरकार पर्यटन क्षेत्र की सभी व्यवहारिक समस्याओं पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएगी। उन्होंने कहा कि होटल उद्योग नेपाल की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है और सरकार इसे और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुधार करने को तैयार है। उन्होंने व्यवसायियों से पारदर्शिता, कर अनुपालन, गुणवत्तापूर्ण सेवाएं और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से नेपाल आने वाले वर्षों में एशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
Report : GT Express
