गोरखपुर, 6 जुलाई 2026। सावन मास के आगमन से पूर्व धार्मिक वातावरण के बीच सोमवार को गोरखपुर जनपद के ग्राम करमहा पिपराईच में शिवलिंग प्राण-प्रतिष्ठा समारोह श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित भव्य कलश यात्रा में आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का परिचय दिया। पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में भाग लिया, जबकि युवा और बुजुर्ग पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल रहे। धार्मिक आयोजन के दौरान ग्राम करमहा से प्रारंभ हुई कलश यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए नैयापर खुर्द, नैयापर बुजुर्ग तथा पिपरा पहुंची और पुनः करमहा लौटकर संपन्न हुई। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। धार्मिक गीतों, भजनों और भगवान शिव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। यात्रा के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

इस अवसर पर ग्राम नैयापर खुर्द में अजय निषाद (जिला पंचायत सदस्य पद के भावी प्रत्याशी) एवं उनके सहयोगियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और फलों का वितरण किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए की गई इस सेवा को श्रद्धालुओं ने सराहा। सेवा शिविर में यात्रा में शामिल महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों को ठंडा पेयजल एवं फल उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिली। अजय निषाद के साथ सेवा कार्य में जितेंद्र निषाद (ग्राम प्रधान पद के भावी प्रत्याशी), ओमकार निषाद, संतोष निषाद, भागीरथी निषाद, भारत जायसवाल, लक्ष्मण निषाद, सुमेत्र निषाद, रामू निषाद, सिकंदर निषाद, वीरेंद्र निषाद, कमलेश निषाद, कुमार निषाद तथा सरमनी शर्मा सहित अनेक सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए व्यवस्था संभाली और सेवा कार्य में सहयोग दिया।

ग्राम करमहा पिपरा ईच में आयोजित शिवलिंग प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे।

प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। यात्रा ग्राम करमहा से प्रारंभ होकर नैयापर खुर्द, नैयापर बुजुर्ग और पिपरा होते हुए पुनः करमहा पहुंची। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालु भगवान शिव के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में सिर पर कलश धारण कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। युवाओं ने यात्रा को सुव्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग दिया, जबकि बुजुर्गों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नैयापर खुर्द में सेवा शिविर लगाया गया। यहां अजय निषाद एवं उनके सहयोगियों ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को पेयजल और फलों का वितरण किया। सेवा शिविर पर लगातार श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों में सेवा का भाव समाज को जोड़ने का कार्य करता है और ऐसे प्रयास दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनते हैं।

आयोजन के दौरान सामाजिक सहयोग और सामूहिक सहभागिता का भी उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला। विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। आयोजन में जितेंद्र निषाद, ओमकार निषाद, संतोष निषाद, भागीरथी निषाद, भारत जायसवाल, लक्ष्मण निषाद, सुमेत्र निषाद, रामू निषाद, सिकंदर निषाद, वीरेंद्र निषाद, कमलेश निषाद, कुमार निषाद तथा सरमनी शर्मा सहित अनेक सहयोगी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को मिल-जुलकर संपन्न कराने का संकल्प व्यक्त किया।
Report : GT Express
