नेपाल के प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय में गुरुवार को एक गरिमामय समारोह का आयोजन कर मुख्य सचिव सुमन राज आर्यल को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसी अवसर पर नव नियुक्त मुख्य सचिव गोविंदा बहादुर कार्की का औपचारिक स्वागत भी किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं था, बल्कि देश की नौकरशाही में नेतृत्व परिवर्तन, अनुभव के सम्मान और प्रशासनिक निरंतरता का प्रतीक बन गया। समारोह में प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार असीम शाह, नीति, प्रशासन एवं सुशासन सलाहकार सुदीप ढकाल, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सलाहकार बिवेक मिश्रा, मुख्य निजी सचिव सुभाष शर्मा, प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, प्रशासनिक कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने निवर्तमान मुख्य सचिव के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और नए मुख्य सचिव का स्वागत किया।

तीन दशक की सेवा का गौरवपूर्ण समापन
करीब तीन दशक तक नेपाल की सिविल सेवा में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाने के बाद मुख्य सचिव सुमन राज आर्यल शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अपने विदाई संबोधन में उन्होंने कहा कि देश और जनता की सेवा करने का अवसर उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी का उद्देश्य केवल सरकारी दायित्व निभाना नहीं, बल्कि नागरिकों के विश्वास को बनाए रखना भी होता है। आर्यल ने स्वीकार किया कि मुख्य सचिव के रूप में उनका कार्यकाल अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शुरू हुआ। ‘गेनजी’ आंदोलन के बाद उत्पन्न संवेदनशील राजनीतिक और प्रशासनिक हालात में सरकारी तंत्र को प्रभावी बनाए रखना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने राजनीतिक नेतृत्व, प्रधानमंत्री कार्यालय, संवैधानिक निकायों, सिविल सेवकों तथा सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से अपने कार्यकाल को सफलतापूर्वक पूरा करने का श्रेय पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था तभी मजबूत बनती है जब सभी संस्थाएँ समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अपने सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की सामूहिक उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने किया सम्मान
प्रधानमंत्री की ओर से राजनीतिक सलाहकार असीम शाह ने मुख्य सचिव सुमन राज आर्यल को प्रशंसा-पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन) प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक नेतृत्व समय-समय पर बदलता रहता है, लेकिन नौकरशाही शासन व्यवस्था की स्थायी रीढ़ होती है। उन्होंने कहा कि देश के विकास, नीति निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सिविल सेवा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रशासनिक दक्षता, ईमानदारी और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। असीम शाह ने स्पष्ट किया कि भविष्य में सरकारी कर्मचारियों का मूल्यांकन केवल उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सेवानिवृत्त मुख्य सचिव सुमन राज आर्यल के अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग आवश्यकता पड़ने पर करती रहेगी ताकि प्रशासनिक सुधारों को और गति मिल सके।

नए मुख्य सचिव ने जताई प्रतिबद्धता
समारोह में नव नियुक्त मुख्य सचिव गोविंदा बहादुर कार्की ने अपनी नई जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि वे संविधान, कानून और प्रशासनिक मर्यादाओं के अनुरूप पूर्ण ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रशासन के सामने अनेक चुनौतियाँ हैं, जिनमें सुशासन, सेवा वितरण में पारदर्शिता, डिजिटल प्रशासन, भ्रष्टाचार नियंत्रण तथा नागरिकों को त्वरित सेवाएँ उपलब्ध कराना प्रमुख हैं। इन सभी क्षेत्रों में सरकार द्वारा निर्धारित नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करना उनकी प्राथमिकता होगी। कार्की ने कहा कि सिविल सेवा सुधार कार्यक्रम केवल सरकारी दस्तावेज़ तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका सीधा लाभ आम नागरिक तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने सभी मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

प्रशासनिक निरंतरता का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने सुमन राज आर्यल के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी प्रशासनिक संतुलन बनाए रखा और सरकारी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया।
वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि नए मुख्य सचिव गोविंदा बहादुर कार्की के नेतृत्व में नेपाल की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनउत्तरदायी बनेगी। समारोह के दौरान दोनों अधिकारियों के सम्मान में तालियों की गूंज सुनाई दी , प्रशासनिक नेतृत्व परिवर्तन को सकारात्मक संदेश के रूप में देखा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अनुभवी अधिकारियों का सम्मान और नए नेतृत्व का सुचारु हस्तांतरण प्रशासनिक स्थिरता की पहचान होता है। नेपाल सरकार द्वारा आयोजित यह समारोह भी उसी परंपरा का प्रतीक माना जा रहा है। समारोह के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने निवर्तमान मुख्य सचिव के स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की तथा नए मुख्य सचिव को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती केवल नेतृत्व परिवर्तन से नहीं, बल्कि संस्थागत निरंतरता, अनुभव और सुशासन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता से सुनिश्चित होती है।
Report : GT Express
