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17 जातियों को एससी सूची में शामिल करने की मांग, भासपा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

संपादक: Ghar Tak Express News |प्रकाशित: 09 जुलाई 2026, 12:58 अपराह्न
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17 जातियों को एससी सूची में शामिल करने की मांग, भासपा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

गौरी बाजार (देवरिया), 09 जुलाई 2026। गौरी बाजार स्थित भारतीय सर्वजन पार्टी के प्रधान कार्यालय, रामपुर से बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक निषाद ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से पिछड़ी 17 पारंपरिक समुदायों—केवट, मल्लाह, कश्यप, निषाद, बिंद, माझी, मछुआ, कहार, धीमर, बॉथम, तुरहा, धीवर, प्रजापति, कुम्हार, गोड़िया, भर और राजभर—को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर समाज को आश्वासन तो दे रही है, लेकिन वास्तविक कार्रवाई से बच रही है।

प्रेस विज्ञप्ति में अशोक निषाद ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आम जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कई जिलों में धारा 163 लागू कर प्रशासनिक नियंत्रण को प्राथमिकता दी है, जिससे लोकतांत्रिक गतिविधियों और जनसरोकारों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ा है और बिना रिश्वत के आम नागरिकों के कार्य पूरे नहीं हो रहे हैं। उनके अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियां प्रभावी कार्रवाई करने में असफल साबित हो रही हैं।

भासपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सहित पूर्वांचल के कई इलाकों में विकास कार्यों पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि चौरी-चौरा, रुद्रपुर, देवरिया, पिपराइच तथा गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में अपेक्षित विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका आरोप है कि इन क्षेत्रों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे अभी भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अशोक निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार जनसमस्याओं को प्रशासन और सरकार के समक्ष उठाती रही है तथा जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

भारतीय सर्वजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश की सभी प्रमुख जनसमस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाएगी और पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि संगठन गांव-गांव तक अपना विस्तार कर रहा है तथा कार्यकर्ता जनता के बीच लगातार सक्रिय हैं। उनके अनुसार पार्टी सामाजिक न्याय, समान प्रतिनिधित्व, पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था तथा पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से पार्टी बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेगी।

17 जातियों को अनुसूचित जाति (एससी) सूची में शामिल करने की मांग, भासपा ने सरकार से उठाए कई सवाल

भारतीय सर्वजन पार्टी (भासपा) ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में सामाजिक न्याय और समान अवसरों का मुद्दा उठाते हुए केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से वंचित मानी जाने वाली 17 पारंपरिक समुदायों को अनुसूचित जाति (एससी) की सूची में शामिल किया जाए। पार्टी का कहना है कि इन समुदायों के लोगों को आज भी शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण उनका समग्र विकास प्रभावित हो रहा है।

पार्टी के अनुसार अनुसूचित जाति का दर्जा मिलने से इन समुदायों को संविधान के तहत आरक्षण, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरियों, उच्च शिक्षा, स्वरोजगार योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का अधिक प्रभावी लाभ मिल सकेगा। भासपा का दावा है कि इससे सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और दशकों से चली आ रही असमानताओं को कम करने में सहायता मिलेगी।

भासपा द्वारा एससी सूची में शामिल किए जाने की मांग वाली 17 जातियां


केवट,मल्लाह,कश्यप,निषाद,बिंद,माझी,मछुआ,कहार,धीमर,बॉथम,तुरहा,धीवर,प्रजापति,कुम्हार,गोड़िया,भर,राजभर भासपा ने कहा कि इन समुदायों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए तथा उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक संवैधानिक और विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए। पार्टी ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच लगातार उठाती रहेगी और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

Report : GT Express