काठमांडू, नेपाल | नेपाल में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और युवाओं के लिए आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के भूटान एवं नेपाल के प्रतिनिधि श्री केन शिमिजू (Ken Shimizu) ने FAO नेपाल की टीम के साथ हिमाइडा नेपाल (Himaida Nepal) तथा यूथ फॉर एग्री वेलफेयर (Youth for Agri Welfare – YFAW) के प्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत बनाना तथा युवाओं को कृषि आधारित उद्यमिता, नवाचार और स्थानीय उत्पादों के वैश्विक विपणन से जोड़ने के लिए नई संभावनाओं पर विचार करना था।
बैठक में विशेष रूप से उच्च मूल्य वाले कृषि उत्पादों (High Value Agricultural Products), कृषि आधारित स्टार्टअप, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI), नीति सुधार, बाजार विस्तार तथा ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि व्यवसाय से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा हुई। यह पहल नेपाल के ग्रामीण आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा कृषि क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

युवाओं को कृषि क्षेत्र में नेतृत्व देने की दिशा में नई पहल
बैठक के दौरान FAO प्रतिनिधि श्री केन शिमिजू ने कहा कि नेपाल में कृषि क्षेत्र केवल खाद्य सुरक्षा का माध्यम नहीं बल्कि आर्थिक विकास, रोजगार और ग्रामीण समृद्धि का आधार भी है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को आधुनिक तकनीक, बाजार, वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो वे कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदल सकते हैं। उन्होंने बताया कि FAO पहले से ही नेपाल में कई युवा-केंद्रित कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों युवाओं को कृषि, उद्यमिता, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में सहयोग प्रदान कर रहा है। इसी क्रम में हिमाइडा नेपाल और YFAW जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि में नवाचार और तकनीकी उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा तथा युवाओं का पलायन कम होगा।
Forest and Farm Facility (FFF) की सफलता पर हुई चर्चा
बैठक में Forest and Farm Facility (FFF) कार्यक्रम की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। यह कार्यक्रम छोटे किसानों, वन उपयोगकर्ता समूहों और स्थानीय उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। हिमाइडा नेपाल के प्रतिनिधियों ने बताया कि FFF के माध्यम से कई किसान समूहों को आधुनिक कृषि तकनीक, उत्पादन क्षमता, मूल्य संवर्धन तथा विपणन से जोड़ा गया है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। YFAW ने भी युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। संस्था ने बताया कि नेपाल के विभिन्न जिलों में कृषि आधारित स्टार्टअप, जैविक खेती, फल एवं मसाला उत्पादन, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, कॉफी, चाय तथा औषधीय पौधों के क्षेत्र में युवाओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है। FAO ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा बाजार संपर्क बढ़ाने का भरोसा दिया।
GI (Geographical Indication) से स्थानीय उत्पादों को मिलेगी वैश्विक पहचान
बैठक का एक प्रमुख विषय नेपाल के विशिष्ट कृषि उत्पादों के लिए भौगोलिक संकेतक (GI) को बढ़ावा देना भी रहा। विशेषज्ञों ने कहा कि नेपाल के कई पारंपरिक कृषि उत्पाद गुणवत्ता और विशिष्टता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। यदि इन उत्पादों को GI दर्जा प्राप्त होता है तो इससे—
किसानों की आय बढ़ेगी।
नकली उत्पादों पर रोक लगेगी।
निर्यात में वृद्धि होगी।
स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक कृषि प्रणाली को संरक्षण मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में नेपाल की पहचान मजबूत होगी। बैठक में GI से जुड़े कानूनी ढांचे, नीति निर्माण, ब्रांडिंग, गुणवत्ता नियंत्रण तथा अंतरराष्ट्रीय विपणन पर भी विस्तृत चर्चा हुई। FAO ने इस दिशा में तकनीकी विशेषज्ञता और नीति सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
स्थानीय नवाचारों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की रणनीति
बैठक में कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और बाजार विस्तार पर विशेष बल दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है बल्कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए आधुनिक पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, ब्रांडिंग तथा निर्यात नेटवर्क विकसित करना भी आवश्यक है। इस दौरान स्थानीय नवाचारों, महिला उद्यमियों, युवा स्टार्टअप तथा सामुदायिक कृषि समूहों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। FAO ने कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा जिनसे नेपाल के स्थानीय उत्पाद एशिया, यूरोप तथा अन्य वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकें।बैठक में यह भी सहमति बनी कि कृषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र, सरकारी एजेंसियों, सहकारी संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाकर टिकाऊ कृषि विकास को नई गति दी जाएगी।
Report : GT Express
