काठमांडू। नेपाल में हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। यूथ, लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट मिनिस्टर माननीय रामजी यादव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ग्रीन जॉब मिशन के शुरुआती कॉन्सेप्ट पेपर की विस्तृत समीक्षा, अध्ययन और चर्चा के बाद उसे आवश्यक सुझावों के साथ अंतिम रूप देने के लिए एक हाई-लेवल टास्क फोर्स गठित की गई है।
इस टास्क फोर्स का गठन नेपाल में तेजी से उभर रहे हरित रोजगार के क्षेत्र को संस्थागत और नीतिगत आधार देने के उद्देश्य से किया गया है। टास्क फोर्स का समन्वय अल्टरनेटिव एनर्जी प्रमोशन सेंटर (AEPC) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नवराज ढकाल करेंगे। इसमें विभिन्न संबंधित मंत्रालयों के प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, ताकि ग्रीन जॉब मिशन को केवल रोजगार कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि ऊर्जा, कृषि, पर्यावरण, उद्योग, कौशल विकास और आर्थिक विकास से जुड़े एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा सके।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नेपाल में ग्रीन जॉब क्रिएशन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। देश की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियां नवीकरणीय ऊर्जा, जलविद्युत, सौर ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, हरित बुनियादी ढांचे, टिकाऊ कृषि, कचरा प्रबंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए अनुकूल हैं। बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को साथ लेकर चलना अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन गया है। दुनिया के कई देशों में ग्रीन इकोनॉमी और ग्रीन जॉब्स तेजी से रोजगार नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं। नेपाल भी इसी दिशा में अपनी युवा आबादी को नए कौशल से जोड़कर देश के भीतर रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करना चाहता है। ग्रीन जॉब मिशन के माध्यम से ऐसे रोजगार को बढ़ावा देने की योजना है, जिनमें पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के कुशल उपयोग, कम कार्बन उत्सर्जन और टिकाऊ उत्पादन प्रणाली को प्राथमिकता दी जाती है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल पारंपरिक रोजगार तक सीमित रखने के बजाय भविष्य की अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना है।
टास्क फोर्स में मिनिस्ट्री ऑफ इंडस्ट्री, कॉमर्स एंड सप्लाईज़, मिनिस्ट्री ऑफ एनर्जी, वॉटर रिसोर्सेज एंड इरिगेशन, मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर, फॉरेस्ट एंड एनवायरनमेंट तथा मिनिस्ट्री ऑफ यूथ, लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। विभिन्न मंत्रालयों की भागीदारी से ग्रीन जॉब मिशन के क्रियान्वयन में अंतर-मंत्रालयी समन्वय को मजबूत करने की उम्मीद है। अभी तक रोजगार, ऊर्जा, कृषि, उद्योग और पर्यावरण से जुड़े कई कार्यक्रम अलग-अलग संस्थागत ढांचे के माध्यम से संचालित होते रहे हैं। ऐसे में ग्रीन जॉब मिशन इन सभी क्षेत्रों को एक साझा नीति और कार्ययोजना के तहत जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
टास्क फोर्स का प्रमुख कार्य प्रारंभिक कॉन्सेप्ट पेपर का अध्ययन करना, उसमें आवश्यक सुधार और सुझाव देना तथा उसे एक व्यापक और व्यवहारिक मिशन दस्तावेज के रूप में अंतिम रूप देना होगा। इसमें रोजगार की संभावनाओं, आवश्यक कौशल, प्रशिक्षण व्यवस्था, उद्योगों की मांग, निवेश की जरूरत और ग्रीन सेक्टर में उद्यमिता की संभावनाओं का अध्ययन किया जा सकता है। इसके अलावा मिशन के तहत सरकारी संस्थानों, निजी क्षेत्र, उद्योगों, व्यवसायिक संगठनों, प्रशिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे प्रशिक्षण और रोजगार के बीच मौजूद अंतर को कम करने में मदद मिल सकती है।
ग्रीन जॉब मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्किल डेवलपमेंट और ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना है। आने वाले समय में ऊर्जा दक्षता, सौर ऊर्जा तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी तकनीक, वेस्ट मैनेजमेंट, रीसाइक्लिंग, पर्यावरण-अनुकूल निर्माण, जैविक एवं टिकाऊ कृषि तथा ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग बढ़ने की संभावना है। नेपाल के युवाओं को इन क्षेत्रों में आवश्यक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने से देश के भीतर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इसके साथ ही युवा स्वयं ग्रीन बिजनेस और स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे। इससे रोजगार मांगने वाले युवाओं की संख्या को रोजगार पैदा करने वाले युवा उद्यमियों में बदलने की दिशा में भी अवसर पैदा होंगे। ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप के तहत छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। उदाहरण के लिए सौर ऊर्जा उपकरणों की स्थापना और रखरखाव, ऊर्जा बचत से जुड़ी सेवाएं, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग, कचरा पृथक्करण और पुनर्चक्रण, जैविक कृषि, पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री तथा हरित पर्यटन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाए तो ग्रीन जॉब मिशन युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता दोनों का प्रभावी माध्यम बन सकता है। इसके लिए प्रशिक्षण संस्थानों और निजी क्षेत्र के बीच नियमित संवाद और सहयोग जरूरी होगा।
ग्रीन जॉब मिशन का उद्देश्य केवल नए रोजगार पैदा करना नहीं है, बल्कि उद्योगों और सार्वजनिक संस्थानों की कार्यप्रणाली को भी अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। मिशन के तहत ग्रीन एम्प्लॉयमेंट, ग्रीन ऑडिट, ग्रीन स्टैंडर्ड्स और एनवायरनमेंट फ्रेंडली प्रोडक्शन सिस्टम को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है। ग्रीन ऑडिट के माध्यम से संस्थानों और उद्योगों में ऊर्जा, पानी, कच्चे माल और अन्य संसाधनों के इस्तेमाल का मूल्यांकन किया जा सकता है। इससे संसाधनों की बर्बादी को कम करने और उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। इसी तरह ग्रीन स्टैंडर्ड्स के माध्यम से उत्पादन प्रक्रिया में पर्यावरणीय मानकों को मजबूत किया जा सकता है। मिशन के माध्यम से उद्योगों को ऐसी उत्पादन प्रणालियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है, जिनमें ऊर्जा की बचत, कम प्रदूषण, कम कार्बन उत्सर्जन और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो। इससे नेपाल में सस्टेनेबल इंडस्ट्रियलाइजेशन और कॉम्पिटिटिव प्रोडक्शन को बढ़ावा मिल सकता है। सरकार का लक्ष्य ऐसी आर्थिक व्यवस्था विकसित करना है जिसमें पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन एक-दूसरे के पूरक बनें। यदि ग्रीन जॉब मिशन को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है तो यह नेपाल की युवा आबादी के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Report : GT Express
