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Apple के iOS 18 सॉफ्टवेयर पर भारत में जांच तेज, CCPA ने विस्तृत जांच के लिए मामला बढ़ाया

संपादक: Arvind Kumar Sahani | प्रकाशित: 16 सितम्बर 2026, 03:35 पूर्वाह्न
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नई दिल्ली: Apple के iOS 18 सॉफ्टवेयर अपडेट से जुड़े उपभोक्ता शिकायत मामले में भारत की केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जांच आगे बढ़ाई है। Reuters की 15 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, CCPA ने 29 जुलाई को मामले को अपनी जांच शाखा के पास विस्तृत जांच के लिए भेजा था। मामला उन शिकायतों से जुड़ा है जिनमें आरोप लगाया गया कि iOS 18 अपडेट के बाद कुछ iPhone उपयोगकर्ताओं को स्क्रीन डिस्प्ले और माइक्रोफोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा और उन्हें मरम्मत के लिए भुगतान करना पड़ा।

CCPA की कार्रवाई का केंद्र Apple की सॉफ्टवेयर वारंटी शर्तें हैं। नियामक यह देख रहा है कि क्या उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े किसी प्रावधान का उल्लंघन हुआ है। उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक Apple ने अगस्त में अपने पक्ष में कहा कि सॉफ्टवेयर पर अलग वारंटी नहीं देना वैश्विक उद्योग मानकों के अनुरूप है और भारत में iOS 18 में कोई प्रणालीगत समस्या उसकी पहचान में नहीं आई।

मामला आगे क्यों बढ़ा?

भारत में स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद उपभोक्ताओं की शिकायतें आने के बाद CCPA ने Apple से जवाब मांगा था। अब मामले को जांच शाखा तक ले जाना इस बात का संकेत है कि नियामक उपलब्ध जवाबों से आगे तथ्यात्मक पड़ताल करना चाहता है। जांच के दौरान शिकायतों, कथित नुकसान, मरम्मत खर्च और कंपनी की उपभोक्ता-संचार प्रक्रिया जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है।

Apple पर क्या असर पड़ सकता है?

यदि जांच में उपभोक्ता कानून का उल्लंघन साबित होता है, तो कंपनी पर नियामकीय कार्रवाई या जुर्माना संभव हो सकता है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को राहत देने, रिफंड या कारोबारी प्रथाओं में बदलाव जैसे उपायों पर भी विचार हो सकता है। हालांकि इस चरण पर यह कहना सही नहीं होगा कि Apple दोषी पाया गया है। जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित प्राधिकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

उपभोक्ताओं के लिए इसका क्या मतलब है?

इस मामले से iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद सामने आने वाली समस्याओं पर निर्माता की जिम्मेदारी किस सीमा तक तय होती है। CCPA की जांच का परिणाम आने के बाद भारत में सॉफ्टवेयर अपडेट, ग्राहक सहायता और वारंटी शर्तों को लेकर कंपनियों की जवाबदेही पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

स्रोत: Reuters, 15 सितंबर 2026। यह रिपोर्ट उपलब्ध नियामकीय दस्तावेजों और Apple के पक्ष को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। आरोपों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।