प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में नाबालिगों की शादी के पंजीकरण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने विवाह पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी विवाह का रजिस्ट्रेशन करने से पहले वर और वधू की उम्र की अनिवार्य रूप से जांच की जाए।
यह निर्देश गाजियाबाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया, जहां अधिकारियों द्वारा एक नाबालिग लड़की का विवाह पंजीकृत किए जाने पर अदालत ने चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में उम्र संबंधी दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच जरूरी है।
बाल विवाह रोकने पर जोर
अदालत की टिप्पणी का उद्देश्य विवाह पंजीकरण व्यवस्था में ऐसी खामियों को रोकना है, जिनका फायदा उठाकर बाल विवाह को वैध दिखाने की कोशिश हो सकती है। पंजीकरण अधिकारियों को कानून में तय उम्र सीमा और उपलब्ध दस्तावेजों का पालन करने को कहा गया है।
अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ी
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद विवाह पंजीकरण कार्यालयों में उम्र सत्यापन की प्रक्रिया पर अधिक सतर्कता की जरूरत होगी। किसी मामले में उम्र को लेकर संदेह होने पर अधिकारियों को रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे बढ़ना होगा।
तथ्य-जांच: रिपोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी रिपोर्टिंग और उपलब्ध न्यायिक जानकारी पर आधारित है।