📅 02 अक्टूबर 2026 | 📍 नई दिल्ली, भारत
GHAR TAK EXPRESS NEWS

भारत का अपना न्यूज़ पोर्टल

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 यूरोपीय कंपनियों की कमाई पर दबाव के संकेत, तीसरी तिमाही में वृद्धि की रफ्तार घटने का अनुमान🔴 ईरान ने हमले की स्थिति में कड़े जवाब की तैयारी की, अमेरिका से तनाव के बीच बातचीत की राह मुश्किल🔴 कांगो में Ebola से जूझ रहे MSF कर्मचारी में संक्रमण, इलाज के लिए नीदरलैंड ले जाया जाएगा🔴 फ्रांस में छात्र प्रदर्शन उग्र, स्कूलों में हिंसा के बीच सैकड़ों हिरासत में🔴 पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लगी पाबंदी हटाने का निर्देश, निजी कंपनियों से बोला भारत सरकार🔴 भारत में बिजली संकट गहराया, सितंबर में बिजली की कमी तीन साल के उच्च स्तर पर🔴 अमेरिकी सेना की इराक से वापसी पूरी होने की ओर, मध्य-पूर्व की रणनीति पर बढ़ी नजर🔴 भारतीय शेयर बाजार पर तेल की मार, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट; रुपया 96 के पार🔴 गंडक नदी का कहर: कुशीनगर में तटबंध टूटा, निचले इलाकों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा🔴 स्पेन के सेउटा में सीमा संकट के बाद सरकारी प्रतिनिधि ने दिया इस्तीफा

फ्रांस में छात्र प्रदर्शन उग्र, स्कूलों में हिंसा के बीच सैकड़ों हिरासत में

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 01 अक्टूबर 2026, 05:40 अपराह्न
WhatsApp Facebook

पेरिस, 1 अक्टूबर 2026: फ्रांस में स्कूलों की बदहाल स्थिति और शिक्षकों की कमी को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शनों ने गुरुवार को नया रूप ले लिया। Reuters के अनुसार, कुछ जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हुए और मार्सेय में एक स्कूल के प्रधानाचार्य पर पेट्रोल डालने की घटना सामने आई।

रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कई स्कूलों में प्रदर्शन और ब्लॉकेड जारी हैं। मार्सेय में एक हाई स्कूल के बाहर हुई घटना के अलावा एक अन्य स्कूल में आग लगने की सूचना मिली। नैन्त में भी एक स्कूल में आग की घटना सामने आई, हालांकि वहां किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

प्रदर्शनों की प्रमुख वजह शिक्षकों की कमी, स्कूल भवनों की खराब स्थिति और शिक्षा व्यवस्था के संसाधनों को लेकर असंतोष है। यह आंदोलन ऐसे समय तेज हुआ है जब सरकार 2027 के बजट पर काम कर रही है और संभावित खर्च कटौती को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

फ्रांस सरकार ने स्थिति पर संकट बैठक बुलाई है। अधिकारियों ने हिंसा की निंदा की है, जबकि शिक्षा मंत्री ने प्रभावित स्कूलों में छात्रों की शिक्षा जारी रखने के लिए दूरस्थ पढ़ाई जैसे विकल्पों की बात कही है।

क्या है मामला? प्रदर्शन पिछले सप्ताह शुरू हुए थे और सार्वजनिक क्षेत्र की व्यापक हड़ताल के साथ उनका असर बढ़ा। प्रशासन के अनुसार कई दर्जन लोग घायल हुए और बड़ी संख्या में छात्रों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की सभी मांगों और सरकार की आगे की कार्रवाई पर तस्वीर अभी विकसित हो रही है।

स्रोत: Reuters, 1 अक्टूबर 2026.