तेहरान, 1 अक्टूबर 2026: अमेरिका के साथ तनाव के बीच ईरान ने संभावित नए सैन्य हमले की स्थिति में पहले से अधिक कड़ा जवाब देने की तैयारी की है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी वरिष्ठ कमांडरों ने अपनी रणनीतिक योजना का दायरा बढ़ाया है और अमेरिकी अभियानों का समर्थन करने वाले देशों को भी संभावित लक्ष्य के रूप में देखने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान अभी बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं कर रहा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में कूटनीतिक समझौते की संभावना कमजोर बनी हुई है। ईरान ने कतर के मध्यस्थों के जरिए युद्ध समाप्त करने और अमेरिकी नाकाबंदी हटाने के बदले तेल प्रतिबंधों में राहत तथा जमे हुए ईरानी धन तक पहुंच की योजना भी रखी थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क जारी रहने की जानकारी है। ईरान परमाणु मुद्दे पर किसी बातचीत से पहले कुछ शर्तें पूरी कराने पर जोर दे रहा है।
ईरान के लिए आर्थिक दबाव भी बड़ी चुनौती है। लंबे समय से जारी संघर्ष, प्रतिबंधों और ऊर्जा मार्गों को लेकर अनिश्चितता ने उसकी अर्थव्यवस्था पर असर डाला है। क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ तनाव और तेल मार्गों पर संभावित खतरे का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
स्थिति क्यों अहम है? यदि सैन्य तनाव दोबारा बढ़ता है तो मध्य-पूर्व में संघर्ष का दायरा और ऊर्जा आपूर्ति पर जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं। हालांकि, Reuters की रिपोर्ट में संभावित कार्रवाई की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।
स्रोत: Reuters, 1 अक्टूबर 2026.