कुशीनगर/उत्तर प्रदेश: नेपाल के गंडक नदी बेसिन में हुई भारी बारिश के बाद बढ़े जलप्रवाह ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। भारतीय एक्सप्रेस की 29 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 5.43 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों पर दबाव बढ़ा और कुशीनगर जिले में भी तटबंध टूटने की सूचना सामने आई।
रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर के नए उच्चतम बाढ़ स्तर तक पहुंचा, जबकि डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में खेतों और संपर्क मार्गों पर पानी फैलने की स्थिति बनी। बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों में प्रशासन को सतर्क किया गया है।
स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और राहत दल कमजोर तटबंध बिंदुओं पर मरम्मत तथा निगरानी कर रहे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए नदी के बढ़ते जलस्तर और अचानक पानी आने के जोखिम को देखते हुए सावधानी जरूरी है।
स्रोत: Indian Express की 29 सितंबर 2026 की रिपोर्ट। आंकड़ों और स्थानीय स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए प्रशासन की ताजा चेतावनियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।