सियोल: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने नए 5,000 टन श्रेणी के कांग कोन विध्वंसक युद्धपोत को नौसेना में शामिल किए जाने के दौरान कहा कि यह जहाज देश की परमाणु प्रतिक्रिया प्रणाली का हिस्सा होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की सैन्य गतिविधियों को लेकर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बना हुआ है।
Reuters के अनुसार, पूर्वी बंदरगाह शहर वॉनसान में हुई commissioning ceremony में किम ने कहा कि नए युद्धपोत की तैनाती उत्तर कोरिया के समुद्री क्षेत्र में उसकी संप्रभुता का संकेत है। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया KCNA ने किम के हवाले से कहा कि जहाज को आदेश मिलने पर जवाबी हमले की क्षमता वाले परमाणु प्रतिक्रिया तंत्र का हिस्सा बनाया जाएगा।
हालांकि एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि KCNA की रिपोर्ट ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कांग कोन युद्धपोत स्वयं परमाणु हथियार लेकर चलेगा या नहीं। इसलिए इसे सीधे परमाणु हथियारों से लैस युद्धपोत के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
कांग कोन इसी श्रेणी का दूसरा युद्धपोत बताया गया है। इससे पहले चोए ह्योन नाम का पहला विध्वंसक युद्धपोत सेवा में शामिल किया गया था। उत्तर कोरिया ने हाल के वर्षों में अपनी नौसैनिक क्षमता बढ़ाने और मिसाइलों तथा रणनीतिक हथियारों को समुद्री प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम तेज किया है।
किम ने नौसेना के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाने की बात भी कही। Reuters के मुताबिक उन्होंने पूर्वी तट पर नौसैनिक अड्डों के निर्माण और अलग-अलग श्रेणी के युद्धपोतों के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने अगले आठ महीनों में नौसैनिक क्षमता के एक और चरण को दिखाने की बात कही, हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
यह घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान भी उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमता को ध्यान में रखते हुए संयुक्त अभ्यास कर रहे हैं। ऐसे माहौल में उत्तर कोरिया का नौसैनिक परमाणु क्षमता पर जोर भविष्य में समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन को लेकर चिंता बढ़ा सकता है।
ध्यान देने वाली बात: उत्तर कोरिया के सरकारी दावों की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में संभव नहीं होती। इसलिए इस खबर में परमाणु क्षमता से जुड़ी बातों को उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया और किम के बयान के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।
स्रोत: Reuters, 7 सितंबर 2026.