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जंगल की आग और हीटवेव से वैश्विक वायु गुणवत्ता पर बढ़ता खतरा

संपादक: Ghar Tak Express News | प्रकाशित: 07 सितम्बर 2026, 11:28 पूर्वाह्न
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नई दिल्ली: विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के साथ बढ़ती जंगल की आग और हीटवेव वैश्विक वायु गुणवत्ता तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं। संगठन की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि जंगल की आग से निकलने वाला महीन कण और जमीनी स्तर का ओजोन लंबे समय तक हवा को प्रदूषित कर सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक विकसित देशों में परिवहन और उद्योग से होने वाले कुछ उत्सर्जन में कमी आई है, लेकिन जंगल की आग अब वायु प्रदूषण का महत्वपूर्ण स्रोत बन रही है। अत्यधिक गर्मी और सूखे की स्थितियां आग के लिए अनुकूल माहौल बनाती हैं और धुएं को बड़े क्षेत्रों तक पहुंचा सकती हैं।

WMO ने बताया कि 1990 के दशक की तुलना में अत्यधिक धुएं वाली आग की घटनाओं में वैश्विक स्तर पर कई गुना वृद्धि दर्ज हुई है। ऐसे धुएं में मौजूद PM2.5 जैसे कण सांस और हृदय से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

संगठन ने सरकारों से मौसम, वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों की संयुक्त निगरानी मजबूत करने की अपील की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ प्रदूषकों की निगरानी अभी पर्याप्त नहीं है, जिससे वास्तविक स्वास्थ्य प्रभाव का आकलन कठिन हो जाता है।

यह रिपोर्ट विश्व मौसम विज्ञान संगठन की 7 सितंबर 2026 की रिपोर्ट और Reuters की रिपोर्टिंग पर आधारित है।