लखनऊ, 6 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के 5 सितंबर के उप-विभागीय पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है और यह चेतावनी 7 तथा 8 सितंबर तक भी जारी रहने की स्थिति बताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 6 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है।
मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र की चेतावनी के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6, 7 और 8 सितंबर को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 7 सितंबर से वहां कोई भारी बारिश चेतावनी नहीं बताई गई है। इससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर एक जैसा नहीं रहने की संभावना है।
भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण और शहरी सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने तथा स्थानीय स्तर पर दृश्यता कम होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। जहां पहले से जमीन में नमी अधिक है या जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है, वहां अतिरिक्त बारिश से पानी जमा होने का जोखिम बढ़ सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए यह चेतावनी खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि इस क्षेत्र में 7 और 8 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए जल निकासी, निचले इलाकों की निगरानी और संवेदनशील मार्गों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के पास अनावश्यक रूप से खड़े रहने से बचना बेहतर है। बिजली गिरने की आशंका वाले समय में लोग सुरक्षित भवनों के भीतर रहें और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
किसानों के लिए भी बारिश की स्थिति महत्वपूर्ण है। लगातार या तेज बारिश होने पर खेतों में जलभराव और तैयार फसलों पर असर पड़ सकता है। स्थानीय कृषि विभाग और मौसम आधारित कृषि सलाह के अनुसार ही सिंचाई, दवा छिड़काव या कटाई से जुड़े फैसले लेना उपयोगी रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर के लिए भी IMD ने 6 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। हालांकि दिल्ली के स्थानीय पूर्वानुमान में 6 सितंबर को सामान्यतः बादल और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बताई गई है। इसका मतलब है कि पूरे क्षेत्र में बारिश की तीव्रता स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
मौसम विभाग की सलाह के अनुसार नागरिकों को स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए और तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। नदी, नाले या जलभराव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र लखनऊ और IMD के 5 सितंबर 2026 को जारी उप-विभागीय चेतावनी बुलेटिन।