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भारत में नई सरकारी सौर-पवन परियोजनाओं में बैटरी स्टोरेज अनिवार्य करने की तैयारी, जुलाई 2027 से लागू हो सकता है नियम

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 04 सितम्बर 2026, 04:00 अपराह्न
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नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026। भारत सरकार ने नई सरकारी सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के साथ बैटरी स्टोरेज को अनिवार्य करने के लिए मसौदा नियम प्रस्तावित किए हैं। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार यह व्यवस्था जुलाई 2027 से लागू किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य अक्षय ऊर्जा की अस्थिर आपूर्ति को बेहतर ढंग से संभालना और जरूरत के समय बिजली उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ाना है.

सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन मौसम तथा समय पर निर्भर रहता है। दिन में सौर उत्पादन अधिक होने के बावजूद मांग हर समय समान नहीं होती। बैटरी स्टोरेज अतिरिक्त बिजली को बाद में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रखने में मदद करता है। प्रस्तावित व्यवस्था इसी समस्या को कम करने की दिशा में एक नीतिगत कदम है.

नई व्यवस्था का असर सरकारी स्तर पर विकसित होने वाली नई परियोजनाओं की योजना और लागत पर पड़ सकता है। परियोजना डेवलपर्स को उत्पादन क्षमता के साथ ऊर्जा भंडारण की जरूरत को भी डिजाइन में शामिल करना होगा। इससे शुरुआती निवेश बढ़ सकता है, लेकिन बेहतर ग्रिड स्थिरता और बिजली के अधिक लचीले इस्तेमाल का लाभ मिलने की उम्मीद है.

भारत सौर और पवन ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। स्टोरेज को जोड़ने से नवीकरणीय बिजली को केवल उत्पादन के समय इस्तेमाल करने के बजाय मांग के अनुरूप उपलब्ध कराने की क्षमता मजबूत हो सकती है। हालांकि मसौदा नियमों के अंतिम प्रावधान, पात्र परियोजनाओं का दायरा और लागू होने की अंतिम तारीख सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

स्रोत: Reuters, 4 सितंबर 2026।