नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अगस्त 2026 को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर बने अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी
IMD के अनुसार 30 और 31 अगस्त को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यह स्थिति निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ का जोखिम बढ़ा सकती है।
पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी असर
30 और 31 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। लगातार बारिश की स्थिति में स्थानीय यातायात, सड़क संपर्क और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
असम-मेघालय में कई दिन बारिश
IMD के उपखंडवार पूर्वानुमान में असम और मेघालय के लिए 30 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा इसके बाद भी कई दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी और नदी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।
कम दबाव वाले क्षेत्र का असर
मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा मौसम प्रणाली बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय क्षेत्रों से जुड़ी है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय स्तर पर जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और यात्रा में व्यवधान की संभावना को देखते हुए सावधानी जरूरी है।
लोग क्या सावधानी रखें
भारी बारिश की चेतावनी वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट देखते रहना चाहिए। नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचना और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी का पालन करना महत्वपूर्ण है। यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम तथा सड़क स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग की 30 अगस्त 2026 की प्रेस विज्ञप्ति और जिला/उपखंडवार चेतावनियां। स्थानीय स्थिति में बदलाव के साथ चेतावनी भी अपडेट हो सकती है।