वॉशिंगटन, 2 सितंबर 2026। Alphabet की Google को अमेरिकी डिजिटल विज्ञापन कारोबार से जुड़े एक बड़े एंटीट्रस्ट मामले में राहत मिली है। वर्जीनिया की संघीय अदालत की जज लियोनी ब्रिंकमा ने अमेरिकी न्याय विभाग की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें Google के ऑनलाइन विज्ञापन एक्सचेंज AdX को बेचने का आदेश देने की मांग की गई थी। हालांकि अदालत ने Google के विज्ञापन कारोबार में कुछ व्यवहारिक बदलाव लागू करने का रास्ता खुला रखा है।
Reuters के अनुसार अमेरिकी न्याय विभाग और कई राज्यों ने 2023 में Google के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। सरकार का आरोप था कि Google ने वेबसाइटों और ऑनलाइन प्रकाशकों द्वारा विज्ञापन खरीदने-बेचने में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों के महत्वपूर्ण हिस्सों पर अवैध एकाधिकार बनाया। मामले में AdX जैसे विज्ञापन एक्सचेंज और प्रकाशकों के विज्ञापन सर्वर से जुड़ी बाजार शक्ति मुख्य मुद्दा रही।
अदालत का ताजा आदेश Google के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि न्याय विभाग ने संरचनात्मक कार्रवाई के तहत AdX की बिक्री की मांग की थी। AdX ऑनलाइन विज्ञापन की उस व्यवस्था का हिस्सा है जिसमें वेबसाइट पर विज्ञापन दिखने के लिए बहुत कम समय में बोली लगती है। Reuters के अनुसार प्रकाशक AdX के माध्यम से होने वाली विज्ञापन नीलामी में Google को लगभग 20 प्रतिशत शुल्क देते हैं।
जज ब्रिंकमा ने अप्रैल 2025 में अपने फैसले में पाया था कि Google ने प्रकाशक विज्ञापन सर्वर और विज्ञापन एक्सचेंज से जुड़े दो बाजारों में अवैध एकाधिकार कायम किया। अदालत के अनुसार कंपनी के कुछ व्यवहार से प्रकाशकों, प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया और अंततः खुले इंटरनेट पर सूचना के उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचा। लेकिन उपाय तय करने के चरण में अदालत ने Google को पूरा विज्ञापन एक्सचेंज बेचने के बजाय व्यवहारिक उपायों को प्राथमिकता दी।
इस फैसले का डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन प्रकाशकों पर भी असर पड़ सकता है। विज्ञापन तकनीक का ढांचा वेबसाइटों की आय के लिए महत्वपूर्ण है और Google लंबे समय से इस क्षेत्र में प्रमुख कंपनियों में शामिल रहा है। यदि अदालत द्वारा तय किए जाने वाले व्यवहारिक उपायों से प्रतिस्पर्धी कंपनियों और प्रकाशकों को Google की तकनीकों के साथ काम करने में अधिक विकल्प मिलते हैं, तो ऑनलाइन विज्ञापन बाजार की संरचना में बदलाव आ सकता है।
अमेरिकी एंटीट्रस्ट नीति के लिए भी यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Reuters के मुताबिक यह लगातार तीसरा प्रमुख मामला है जिसमें अमेरिकी प्रतिस्पर्धा प्रवर्तन एजेंसियों की Big Tech कंपनी को संपत्ति बेचने के लिए मजबूर करने की कोशिश सफल नहीं हुई। इससे इस बहस को बल मिल सकता है कि डिजिटल बाजारों में बड़े तकनीकी प्लेटफॉर्म की बाजार शक्ति को अदालतों के जरिए किस तरह नियंत्रित किया जाए।
Google की ओर से लंबे समय से तर्क दिया गया था कि AdX की जबरन बिक्री तकनीकी रूप से जटिल होगी और ग्राहकों के लिए लंबी तथा महंगी बदलाव प्रक्रिया पैदा कर सकती है। न्याय विभाग ने इसके विपरीत कहा था कि Google के पिछले आचरण को देखते हुए केवल कंपनी के आश्वासनों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। अदालत ने अब बिक्री के बजाय कारोबारी व्यवहार में बदलाव का रास्ता चुना है।
फैसले के व्यापक प्रभाव को समझने के लिए अदालत के अंतिम विस्तृत आदेश और लागू होने वाले व्यवहारिक उपायों का इंतजार करना होगा। फिलहाल Google अपने विज्ञापन एक्सचेंज को बनाए रख सकेगा, लेकिन उसे विज्ञापन तकनीक बाजार में प्रतिस्पर्धा से जुड़े अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा।
स्रोत: Reuters और अमेरिकी न्याय विभाग से संबंधित सार्वजनिक न्यायिक रिकॉर्ड।