नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है। Reuters की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कतर और संयुक्त अरब अमीरात से लदे तीन LNG कार्गो को हाल के हफ्तों में होर्मुज के बाहर समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर किया गया, ताकि भारत और जापान तक गैस की आपूर्ति जारी रखी जा सके।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर LNG जहाजों का सामान्य आवागमन इस मार्ग की सुरक्षा और उपलब्धता पर निर्भर करता है। मौजूदा तनाव में कुछ जहाज इस रणनीतिक जलडमरूमध्य से होकर जाने के बजाय वैकल्पिक संचालन अपना रहे हैं। Reuters के अनुसार ऐसे ship-to-ship LNG transfer सामान्य परिस्थितियों में बहुत दुर्लभ माने जाते हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ LNG जहाजों ने ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के तटों से दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में यह हस्तांतरण किया। इनमें GasLog Shanghai और GasLog Savannah जैसे जहाज शामिल रहे। एक अन्य ट्रांसफर से जुड़ा कार्गो भारत के लिए रवाना हुआ।
तनाव का असर LNG बाजार पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार एशियाई spot LNG कीमतें 23.20 डॉलर प्रति mmBtu तक पहुंच गई हैं, जो संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर की तुलना में दोगुने से अधिक है। इससे एशिया के आयातकों की लागत और व्यापक महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।
भारत के लिए क्यों अहम: भारत LNG का बड़ा आयातक है और पश्चिम एशिया से आने वाली आपूर्ति में व्यवधान का असर बिजली, उर्वरक, उद्योग और शहरों की गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है। इसलिए वैकल्पिक शिपिंग व्यवस्था और सुरक्षित समुद्री मार्गों पर बाजार की नजर बनी हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ा यह घटनाक्रम अभी किसी पूर्ण आपूर्ति बंदी का प्रमाण नहीं है, लेकिन जहाजों के परिचालन में बदलाव ऊर्जा व्यापार की बढ़ती सुरक्षा चिंता को दिखाता है।
स्रोत: Reuters, 2 सितंबर 2026।
