📅 22 अक्टूबर 2026 | 📍 नई दिल्ली, भारत
GHAR TAK EXPRESS NEWS

भारत का अपना न्यूज़ पोर्टल

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 कुशीनगर में कार पेड़ से टकराई, चार युवकों की मौत; तीन घायल🔴 PM-SETU योजना: गोरखपुर समेत यूपी के 8 शहरों में आईटीआई क्लस्टर की तैयारी🔴 कैंसर की 137 दवाओं पर ट्रेड मार्जिन की सीमा, 9 नवंबर से नई दरें लागू🔴 यूक्रेन पहुंचे जर्मन चांसलर मर्ज, रूस के हमलों के बीच 1.35 अरब यूरो की मदद और ड्रोन समझौते पर नजर🔴 पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा: सैनिक का शव लेकर देवरिया जा रही एंबुलेंस ट्रक से टकराई, 4 की मौत🔴 फिरोजाबाद की टायर फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर; जांच की तैयारी🔴 एशियन गेम्स 2026 का समापन, भारत ने शानदार प्रदर्शन के साथ अभियान पूरा किया🔴 यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा🔴 OPEC+ का बड़ा फैसला, नवंबर में तेल उत्पादन लक्ष्य में नहीं होगा बदलाव🔴 दिल्ली-मुंबई में वोटर लिस्ट विवाद पर प्रदर्शन तेज, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

चीन ने ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में कराया सर्वेक्षण, संवेदनशील इलाके में गतिविधि से बढ़ी नजर

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 03 सितम्बर 2026, 10:19 पूर्वाह्न
WhatsApp Facebook

बीजिंग, 3 सितंबर 2026। चीन ने ताइवान के पूर्वी हिस्से से लगे समुद्री क्षेत्र में अगस्त के दौरान एक व्यापक समुद्री सर्वेक्षण कराया। चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के अनुसार यह सर्वेक्षण 10 से 31 अगस्त के बीच किया गया और इसका उद्देश्य समुद्र तल की बुनियादी भूवैज्ञानिक तथा संरचनात्मक विशेषताओं को समझना था।

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार चीन के सरकारी प्रसारक CCTV ने मंत्रालय के हवाले से बताया कि सर्वेक्षण का इस्तेमाल क्षेत्रीय योजना और संसाधन प्रबंधन के लिए एकीकृत मानचित्र तैयार करने में किया जा सकता है। चीन ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र वाले समुद्री क्षेत्रों में किया गया सर्वेक्षण बताया है।

यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ताइवान के आसपास समुद्री गतिविधियों को लेकर बीजिंग और ताइपे के बीच पहले से तनाव बना हुआ है। ताइवान के तटरक्षक बल ने 21 अगस्त को बताया था कि उसने द्वीप के आसपास संवेदनशील माने जाने वाले समुद्री क्षेत्र में एक चीनी शोध पोत की निगरानी की थी। ताइपे के अनुसार मई के बाद यह पोत तीसरी बार ऐसे क्षेत्र में देखा गया था।

चीन के तटरक्षक बल ने 3 सितंबर को ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में नियमित कानून-प्रवर्तन गश्त किए जाने की भी जानकारी दी। Reuters के अनुसार जून के बाद यह तीसरी ऐसी गश्त थी। इस गतिविधि पर ताइवान सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

बीजिंग ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और द्वीप के आसपास के समुद्री क्षेत्र पर भी अपने दावों को लागू करने की कोशिश करता रहा है। ताइवान चीन के संप्रभुता संबंधी दावे को खारिज करता है। ऐसे में समुद्री सर्वेक्षण और तटरक्षक गतिविधियां केवल संसाधन प्रबंधन से जुड़े तकनीकी कदम नहीं मानी जातीं, बल्कि इनका क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री अधिकारों के संदर्भ में भी महत्व है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में चीन के सर्वेक्षण को किसी सैन्य अभियान के रूप में घोषित नहीं किया गया है। इसलिए इसे लेकर किसी सैन्य कार्रवाई का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा। हालांकि संवेदनशील जलक्षेत्र में नियमित सर्वेक्षण और गश्त बढ़ने से ताइवान जलडमरूमध्य तथा उसके आसपास की गतिविधियों पर क्षेत्रीय देशों की निगरानी बढ़ सकती है।

स्रोत: Reuters और चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय/CCTV से संबंधित रिपोर्टें।