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उत्तर कोरिया में किम जोंग उन की सत्ता और मजबूत, पार्टी नियमों में बदलाव से बढ़ा केंद्रीकरण

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 03 सितम्बर 2026, 10:20 पूर्वाह्न
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सियोल, 3 सितंबर 2026। उत्तर कोरिया के सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के नियमों में हाल में किए गए बदलावों ने नेता किम जोंग उन के हाथों में सत्ता के और अधिक केंद्रीकरण का संकेत दिया है। दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस से संबद्ध इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में हुई पार्टी कांग्रेस में अपनाए गए संशोधनों ने पार्टी, सरकार और सैन्य मामलों में महासचिव की भूमिका को मजबूत किया है।

Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक संशोधित नियमों में पार्टी महासचिव को पोलित ब्यूरो और उसकी स्थायी समिति की बैठक बुलाने और अध्यक्षता करने, प्रमुख अधिकारियों की नियुक्ति और बर्खास्तगी, पार्टी सदस्यता से जुड़े फैसले लेने तथा पार्टी के संगठनों और विभागों को भंग करने जैसी स्पष्ट शक्तियां दी गई हैं। किम जोंग उन ही पार्टी के महासचिव हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इन प्रावधानों का प्रभाव यह हो सकता है कि महत्वपूर्ण फैसलों के लिए पहले की तरह सामूहिक पार्टी निकायों पर निर्भरता कम हो और शीर्ष नेता सीधे अधिक फैसले ले सकें। संशोधित नियम केंद्रीय समिति की पूर्ण बैठकों को कम से कम हर छह महीने में आयोजित करने का प्रावधान भी रखते हैं।

युद्धकालीन निर्णय प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। केंद्रीय समिति की अनुमति मिलने पर पोलित ब्यूरो को बड़े मुद्दों पर फैसला करने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य संकट की स्थिति में पूरी केंद्रीय समिति की बैठक बुलाए बिना अपेक्षाकृत छोटे वरिष्ठ समूह के जरिए निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज करना बताया गया है।

रिपोर्ट का एक और उल्लेखनीय पहलू किम परिवार की पिछली पीढ़ियों से जुड़ी भाषा में बदलाव है। संशोधित नियमों में किम के दादा और उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग तथा उनके पिता किम जोंग इल की उपलब्धियों से जुड़े शेष संदर्भ हटाए जाने और किम जोंग उन की केंद्रीय भूमिका पर अधिक जोर दिए जाने की बात कही गई है।

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के संबंधों को लेकर भी पुरानी नीति में वापसी के संकेत नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक संशोधित नियम 2024 में अपनाए गए उस रुख को बनाए रखते हैं जिसमें प्योंगयांग ने लंबे समय से चली आ रही शांतिपूर्ण एकीकरण की नीति छोड़कर दक्षिण कोरिया को शत्रुतापूर्ण राज्य के रूप में देखना शुरू किया था।

पार्टी के आंतरिक अनुशासन को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। पार्टी सदस्य बनने की न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 20 वर्ष करने और अनुशासनात्मक उपायों को मजबूत करने की जानकारी सामने आई है। दक्षिण कोरियाई संस्थान ने इन बदलावों को ‘किम जोंग उन युग 2.0’ के रूप में वर्णित किया है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन बदलावों की जानकारी दक्षिण कोरियाई सुरक्षा संस्थान की रिपोर्ट और Reuters की रिपोर्टिंग पर आधारित है। उत्तर कोरिया की सरकार अपने राजनीतिक और संस्थागत बदलावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए सीमित जानकारी उपलब्ध कराती है। इसलिए संशोधनों के वास्तविक प्रशासनिक प्रभाव का आकलन आगे की गतिविधियों से ही अधिक स्पष्ट होगा।

स्रोत: Reuters और दक्षिण कोरिया के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी से संबंधित रिपोर्ट।