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Brookfield का भारत के ग्रीन फ्यूल कारोबार में बड़ा निवेश, ACME में लगाएगा 600 मिलियन डॉलर तक

संपादक: Arvind Kumar Sahani | प्रकाशित: 17 सितम्बर 2026, 01:25 अपराह्न
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नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026। अमेरिकी वैकल्पिक परिसंपत्ति प्रबंधक Brookfield भारत की ACME Cleantech Ventures में 600 मिलियन डॉलर तक निवेश करेगा। कंपनियों के अनुसार यह पूंजी भारत और ओमान में ग्रीन अमोनिया तथा ग्रीन मेथनॉल जैसी कम-कार्बन ईंधन परियोजनाओं को विकसित और निर्माण करने में मदद करेगी।

Reuters की 17 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक यह निवेश Brookfield Global Transition Fund रणनीति के जरिए किया जाएगा। यह कदम कम-कार्बन ईंधन क्षेत्र में Brookfield की क्षेत्रीय एंट्री को भी दर्शाता है।

किन परियोजनाओं पर खर्च होगी पूंजी?

ACME के अनुसार उसके पास भारत और ओमान में परियोजनाओं की एक पाइपलाइन है। कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल ग्रीन अमोनिया और दूसरे कम-कार्बन ईंधनों का उत्पादन बढ़ाने के लिए करेगी। इन उत्पादों को घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात बाजारों के लिए भी विकसित किया जा रहा है।

ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल को ऐसे ईंधन विकल्पों के रूप में देखा जा रहा है जिनका इस्तेमाल उन औद्योगिक क्षेत्रों में किया जा सकता है जहां जीवाश्म ईंधन से उत्सर्जन घटाना चुनौतीपूर्ण है। हालांकि किसी परियोजना की अंतिम क्षमता, लागत और समयसीमा इस घोषणा से अलग-अलग तय नहीं होती; इसलिए इन्हें निवेश की घोषणा से आगे बढ़ाकर निश्चित उत्पादन लक्ष्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

ACME के पास पहले से हैं सप्लाई समझौते

कंपनी ने बताया है कि उसने नॉर्वे की Yara International, जापान की IHI Corporation और Mitsubishi Gas Chemical सहित कुछ ग्राहकों के साथ आपूर्ति समझौते किए हैं। भारतीय खरीदार भी उसकी ग्राहक सूची में शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि भविष्य की बिक्री के लिए बाजार तैयार करने पर भी काम कर रही है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है निवेश?

ग्रीन फ्यूल में बड़े विदेशी निवेश से भारत की स्वच्छ ऊर्जा और निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिल सकता है। भारत सरकार लंबे समय से ग्रीन हाइड्रोजन और उससे जुड़े ईंधनों के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दे रही है। ऐसे निवेश से परियोजनाओं के लिए पूंजी और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मजबूत हो सकती है।

फिलहाल यह निवेश घोषणा के स्तर पर है। वास्तविक आर्थिक और रोजगार संबंधी प्रभाव परियोजनाओं के निर्माण, वित्तीय समापन और उत्पादन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

स्रोत: Reuters, 17 सितंबर 2026। रिपोर्ट में दी गई कंपनी संबंधी जानकारी को उपलब्ध सार्वजनिक विवरणों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।