📅 17 Sep 2026 | 📍 नई दिल्ली, भारत

GHAR TAK EXPRESS NEWS

भारत का अपना नंबर 1 न्यूज़ पोर्टल

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 Brookfield का भारत के ग्रीन फ्यूल कारोबार में बड़ा निवेश, ACME में लगाएगा 600 मिलियन डॉलर तक🔴 मौसम अपडेट: यूपी समेत कई राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, IMD ने 22 सितंबर तक जारी किया पूर्वानुमान🔴 यूपी PGT भर्ती 2026: 2,607 पदों के लिए आवेदन 18 सितंबर से, दिसंबर में होगी परीक्षा🔴 NSE IPO की आज से शुरुआत, ₹22,569 करोड़ के इश्यू पर निवेशकों की नजर🔴 कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, सऊदी अरब से अतिरिक्त सप्लाई की खबर से घटा सप्लाई संकट का डर🔴 अमेरिका में रूस प्रतिबंध बिल पास, भारत पर 100% तक टैरिफ का रास्ता साफ🔴 ईरान के क़ेश्म द्वीप पर कई धमाकों की आवाज, IRNA की रिपोर्ट; कारण अभी स्पष्ट नहीं🔴 Apple के iOS 18 सॉफ्टवेयर पर भारत में जांच तेज, CCPA ने विस्तृत जांच के लिए मामला बढ़ाया🔴 टेस्ला Cybercab पर अमेरिकी जांच तेज, NHTSA ने 30 सितंबर तक मांगा जवाब🔴 लखनऊ की रुकी टाउनशिप को LDA पूरा करेगा, करीब 5,000 खरीदारों को राहत की उम्मीद

अमेरिका में रूस प्रतिबंध बिल पास, भारत पर 100% तक टैरिफ का रास्ता साफ

संपादक: Arvind Kumar Sahani | प्रकाशित: 17 सितम्बर 2026, 11:56 पूर्वाह्न
WhatsApp Facebook

नई दिल्ली: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े एक व्यापक विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है। भारत इस प्रावधान से प्रभावित हो सकने वाले प्रमुख देशों में शामिल है, क्योंकि वह रूसी तेल का बड़ा खरीदार है।

Reuters की 17 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, विधेयक अमेरिकी सीनेट से मंजूरी के बाद प्रतिनिधि सभा से भी पारित हुआ और अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की प्रक्रिया बाकी है। कानून लागू होने पर अंतिम टैरिफ कार्रवाई राष्ट्रपति के निर्णय और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

भारत ने ऊर्जा सुरक्षा पर जताया जोर

भारत ने स्पष्ट किया है कि उसकी ऊर्जा नीति का आधार विश्वसनीय और किफायती आपूर्ति सुनिश्चित करना है। नई दिल्ली ने अमेरिकी कदम के संभावित आर्थिक और द्विपक्षीय असर पर अधिकारियों और व्यापार जगत के साथ चर्चा की बात कही है।

भारत के लिए क्या मायने?

यदि अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ लागू होते हैं, तो भारत के निर्यातकों की लागत बढ़ सकती है और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतिम कानून किस रूप में लागू होता है और भारत के लिए कौन-से प्रावधान इस्तेमाल किए जाते हैं।

तथ्य-जांच: इस रिपोर्ट में विधेयक की स्थिति और भारत से जुड़े संभावित टैरिफ प्रावधानों की जानकारी Reuters की 17 सितंबर 2026 की रिपोर्ट से मिलाई गई है।

अस्वीकरण: 100 प्रतिशत टैरिफ की संभावना को मौजूदा कानून के तहत संभावित अधिकार के रूप में समझा जाना चाहिए; इसे भारत पर लगाया गया वास्तविक टैरिफ न माना जाए।