नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत गुरुवार को एक प्रतिशत से अधिक बढ़ी। निवेशकों की नजर अमेरिका के आगामी रोजगार आंकड़ों पर है, जिनसे इस महीने अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी ने भी सोने को समर्थन दिया।
Reuters के अनुसार स्पॉट गोल्ड 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 4,434.70 डॉलर प्रति औंस पहुंचा, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 4,480.10 डॉलर प्रति औंस तक रहे। इससे पहले सोने में दबाव आया था, लेकिन डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बदलाव के बाद सुरक्षित निवेश वाली इस धातु में खरीदारी बढ़ी।
बाजार में सबसे बड़ा ध्यान शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स आंकड़ों पर है। रोजगार आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और महंगाई के दबाव का आकलन करने में अहम माने जाते हैं। यदि रोजगार वृद्धि उम्मीद से कमजोर रहती है तो ब्याज दर बढ़ने की बाजार की संभावना कम हो सकती है, जिससे सोने को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
सोने की कीमत पर ब्याज दरों का सीधा असर पड़ता है। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में ऐसे निवेश जिनसे ब्याज नहीं मिलता, उनकी आकर्षकता अपेक्षाकृत कम होती है। इसके उलट दरों में नरमी की उम्मीद और डॉलर में कमजोरी सोने की मांग को बढ़ा सकती है। हालांकि वैश्विक महंगाई, कच्चे तेल की कीमत और मध्य पूर्व में जारी तनाव भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं।
अन्य कीमती धातुओं में भी मजबूती देखी गई। चांदी में करीब 1.2 प्रतिशत, प्लैटिनम में लगभग 1 प्रतिशत और पैलेडियम में करीब 0.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी रोजगार आंकड़े और केंद्रीय बैंक के संकेत कीमती धातुओं के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
भारतीय खरीदारों के लिए अंतरराष्ट्रीय सोने की चाल के साथ डॉलर-रुपया विनिमय दर भी महत्वपूर्ण है। घरेलू बाजार में कीमतें अंतरराष्ट्रीय भाव, आयात लागत और स्थानीय मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का असर भारतीय सराफा बाजार पर भी पड़ सकता है, लेकिन स्थानीय कीमतों में बदलाव अलग-अलग समय पर अलग मात्रा में दिखाई दे सकता है।
स्रोत: Reuters और बाजार संबंधी उपलब्ध ताजा आंकड़े।