नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026। केंद्र सरकार अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए अलग आचार संहिता लाने पर विचार कर रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य अधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों में पेशेवर आचरण बनाए रखना और संवेदनशील या अनुचित ऑनलाइन सामग्री से जुड़े जोखिमों को कम करना है।
India Today और द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्टों के अनुसार सरकार के स्तर पर इस विषय पर चर्चा हुई है। प्रस्तावित नियम सभी स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू किए जाने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि इसकी अंतिम रूपरेखा और लागू होने की समयसीमा अभी तय नहीं हुई है।
मामला ऐसे समय सामने आया है जब सरकारी कर्मचारियों की ओर से सोशल मीडिया पर रील, वीडियो और निजी विचार साझा करने की गतिविधियां बढ़ी हैं। सरकार की चिंता खास तौर पर ऐसे पोस्ट को लेकर बताई गई है जो सरकारी पद या काम का व्यक्तिगत प्रचार करने की तरह दिखाई दे सकते हैं। प्रस्तावित कोड का उद्देश्य आधिकारिक जिम्मेदारियों, गोपनीय सूचनाओं और सार्वजनिक संचार के बीच स्पष्ट सीमाएं तय करना हो सकता है।
सोशल मीडिया नियमन से जुड़ा यह कदम व्यापक डिजिटल नियामक बदलावों के बीच देखा जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक सरकार ने इस साल सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में भी बदलाव किए हैं, जिनका संबंध संवेदनशील ऑनलाइन सामग्री और सिंथेटिक या AI-जनित सामग्री से है। हालांकि प्रस्तावित सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया कोड की विस्तृत धाराएं अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं।
फिलहाल यह निर्णय अंतिम नियम के रूप में लागू नहीं हुआ है। इसलिए कर्मचारियों के लिए किसी नए प्रतिबंध या दंड का दावा करना जल्दबाजी होगा। अंतिम दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निजी सोशल मीडिया पोस्ट, सरकारी काम से जुड़े वीडियो और संवेदनशील विषयों पर टिप्पणियों के संबंध में क्या नियम बनाए जाते हैं।
स्रोत: India Today और द इकोनॉमिक टाइम्स की 4 सितंबर 2026 की रिपोर्टें।