लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच साल से अधिक समय से लंबित राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। 30 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मामलों के समाधान के लिए निश्चित समयसीमा तय करने और जनता की शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने को कहा।
लंबित मामलों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित राजस्व मामलों को प्राथमिकता देकर निस्तारित करने पर जोर दिया। भूमि और संपत्ति से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी रोकने तथा बार-बार तारीख पड़ने की स्थिति खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं।
कानून-व्यवस्था और त्योहारों की सुरक्षा
आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने तथा भीड़ प्रबंधन की विस्तृत व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। अधिकारियों को अपराध की नियमित समीक्षा और सार्वजनिक शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
जनता की शिकायतों पर जवाबदेही
सरकार की समीक्षा में राजस्व मामलों के साथ जनशिकायतों के निस्तारण को भी महत्वपूर्ण विषय बनाया गया। अधिकारियों को तय समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने और लापरवाही पर जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया गया है।
स्रोत: Free Press Journal और Hindustan Times की 29-30 अगस्त 2026 की रिपोर्टें।
