कुशीनगर: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में अब भी दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार नेपाल से बहकर आए मलबे और तेज धारा के बीच उत्तर प्रदेश की गंडक नदी में अब तक 17 शव बरामद किए गए हैं। इनमें 13 शव कुशीनगर जिले के खड्डा और तमकुहीराज तहसीलों से तथा चार शव पड़ोसी महाराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र से मिले हैं।
नेपाल की बाढ़ के बाद नारायणी-गंडक नदी तंत्र में पानी और मलबे का तेज बहाव रहा। कुशीनगर में बरामद शवों की पहचान अभी पूरी तरह नहीं हो सकी है। प्रशासन और आपदा राहत टीमें शवों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखकर पहचान की कोशिश कर रही हैं।
नेपाल से समन्वय कर पहचान की कोशिश
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक महाराजगंज में मिले चार शवों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल प्रशासन को सौंपा जा चुका है। शवों के पोस्टमार्टम के दौरान डीएनए नमूने भी लिए गए हैं, ताकि नेपाल में लापता लोगों के परिजनों से मिलान कर पहचान की जा सके। कुशीनगर में भी कुछ शवों को अनिवार्य संरक्षण अवधि पूरी होने के बाद नेपाल अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।
नदी किनारे तलाशी अभियान जारी
NDRF, SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें नारायणी-गंडक नदी तथा आसपास के हिस्सों में निगरानी और तलाशी अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि नेपाल में आई आपदा के बाद नदी के साथ और शव या मलबा भारतीय क्षेत्र में पहुंच सकता है।
कुशीनगर प्रशासन नेपाल से आए लोगों और लापता परिजनों की तलाश में पहुंचे लोगों की सहायता के लिए समन्वय भी कर रहा है। फिलहाल बरामद शवों की अंतिम पहचान और उन्हें परिवारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरी होगी।
स्रोत: Indian Express, Rising Nepal, KathmanduPati और अन्य ताजा रिपोर्टों के आधार पर।
