काठमांडू: नेपाल और तिब्बत की सीमा से लगे हिमालयी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मृतकों की संख्या 1,003 तक पहुंच गई है। नेपाल की आपदा प्राधिकरण के अनुसार 1 सितंबर 2026 तक नेपाल में 987 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि चीन के तिब्बत क्षेत्र में 16 मौतें दर्ज की गई हैं।
दोनों देशों में कुल 4,462 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में 3,916 और चीन में 546 लोगों के लापता होने की जानकारी है। लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल की सूची में 583 विदेशी नागरिक बताए गए हैं।
सातवें दिन भी राहत-बचाव अभियान
नेपाल में 11,800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण कई दुर्गम इलाकों तक पहुंचना मुश्किल है। हेलीकॉप्टरों की मदद से राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। कई जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े कर्मचारी भी लापता हैं और कुछ के मलबे से बंद सुरंगों में फंसे होने की आशंका है।
पूर्वी यूपी पर भी असर
नेपाल से बहकर आने वाली नदियों के कारण उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी चिंता बढ़ी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यूपी में नेपाल से आने वाली नदियों से 17 शव बरामद किए गए हैं। इनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है और इन्हें नेपाल की आधिकारिक मृतक संख्या में शामिल नहीं किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार 26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर से जुड़े भू-धंसाव और मलबे के अचानक बहाव ने बड़े पैमाने पर बाढ़ पैदा की। वैज्ञानिक और अधिकारी आपदा के कारणों का आकलन कर रहे हैं।
नोट: राहत एवं पहचान अभियान जारी रहने के कारण मृतकों और लापता लोगों की संख्या बदल सकती है। यह रिपोर्ट 1 सितंबर 2026 को उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है।
स्रोत: नेपाल आपदा प्राधिकरण, Kathmandu Post, Reuters/AFP रिपोर्टिंग।
