नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्र पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही बहुमंजिला इमारत के ढहने के मामले में सोमवार शाम तक मृतकों की संख्या 7 हो गई। पुलिस के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन भी पूरा कर लिया गया है। हादसे के बाद अब जांच का फोकस इमारत की हालत, चल रहे मरम्मत कार्य और कथित लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने पर है।
इंडिया टुडे के 7 सितंबर 2026 के शाम के अपडेट के मुताबिक, हादसे में घायल हुए लोगों में से एक और व्यक्ति की मौत के बाद कुल मृतक संख्या 7 पहुंची। रिपोर्ट में मृतकों में कई छात्र और एक मजदूर के शामिल होने की जानकारी दी गई है। पांच घायल लोगों का इलाज जारी है।
पुलिस ने मामले में इमारत के मालिक हरिराम के अलावा उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को भी गिरफ्तार किया है। मालिक को पहले राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने इससे पहले उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं और लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था।
यह इमारत दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित थी और इसमें छात्र पीजी के तौर पर रह रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। हालांकि, इमारत गिरने की अंतिम वजह अभी जांच का विषय है और किसी एक कारण को अंतिम निष्कर्ष के रूप में बताना जल्दबाजी होगी।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि अस्थिर ढांचे और आसपास की इमारतों की स्थिति के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा।
घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, आसपास की कमजोर इमारतों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है और संबंधित भवनों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों, जिसमें पीजी आवास भी शामिल हैं, के संरचनात्मक ऑडिट की नीति पर भी जोर दिया है।
इस हादसे ने दिल्ली में पुराने भवनों, अनधिकृत निर्माण और मरम्मत के दौरान संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि इमारत की सुरक्षा स्थिति क्या थी, मरम्मत के दौरान कौन से काम किए जा रहे थे और संबंधित अधिकारियों या मालिक की ओर से नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
स्रोत: 7 सितंबर 2026 को शाम तक उपलब्ध पुलिस/प्रशासनिक अपडेट और India Today की लाइव रिपोर्ट के आधार पर।