📅 08 Sep 2026 | 📍 नई दिल्ली, भारत

GHAR TAK EXPRESS NEWS

भारत का अपना नंबर 1 न्यूज़ पोर्टल

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 भारत की सैन्य ताकत को बड़ा बूस्ट, ₹1.10 लाख करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी; 98% खरीद भारतीय उद्योग से🔴 अमेरिका-कनाडा व्यापार युद्ध तेज, 20 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान पर जवाबी टैरिफ लागू🔴 ASML का बड़ा चिप टेक्नोलॉजी प्लान, Nvidia समेत दिग्गजों के लिए बड़े AI चिप बनाने पर जोर🔴 भारत में खाद्य सुरक्षा पर बड़ी सख्ती, FSSAI के अभियान से बढ़ी निगरानी🔴 कीव पर फिर रूसी मिसाइल हमला, 2 लोगों की मौत और 7 घायल; अमेरिकी दूतों के जाने के बाद बढ़ा तनाव🔴 रुपया फिर दबाव में, 94.69 प्रति डॉलर तक फिसला; महंगे कच्चे तेल के बीच RBI ने संभाली गिरावट🔴 मृत व्यक्ति के Aadhaar से Learning Licence? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार से मांगा जवाब🔴 सऊदी अरब में हूती हमलों से ऊर्जा ठिकानों पर असर, 73 लोग घायल; तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता🔴 दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में 7 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म; मकान मालिक की पत्नी और बेटा गिरफ्तार🔴 बिजली संकट की आशंका के बीच सरकार ने बढ़ाई कोयले की रेल ढुलाई, पावर प्लांट स्टॉक पर नजर

सऊदी अरब में हूती हमलों से ऊर्जा ठिकानों पर असर, 73 लोग घायल; तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता

संपादक: Ghar Tak Express News | प्रकाशित: 08 सितम्बर 2026, 12:24 अपराह्न
WhatsApp Facebook

सऊदी अरब में मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को यमन के हूती समूह की ओर से किए गए हमलों के बाद देश के दक्षिणी हिस्सों में कई ऊर्जा प्रतिष्ठानों के संचालन पर असर पड़ा। सऊदी अधिकारियों के अनुसार हमलों से लगी आग और अन्य घटनाओं में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं।

रॉयटर्स के अनुसार घटनाएं अबहा, खमीस मुशैत, जजान और नजरान क्षेत्रों में सामने आईं। आपातकालीन दलों को आग पर काबू पाने और प्रभावित स्थानों की स्थिति का आकलन करने के लिए लगाया गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने कहा है कि प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और संचालन की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

इस घटनाक्रम का असर सिर्फ स्थानीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच तेल बाजार पहले ही दबाव में है। रॉयटर्स की बाजार रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI भी तेजी में रहा। बाजार की चिंता इस बात को लेकर है कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है तो खाड़ी क्षेत्र से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

रॉयटर्स ने यह भी बताया है कि जजान में सऊदी अरामको की कुछ सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं, लेकिन इस हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अरामको की ओर से तत्काल सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई थी। इसलिए इसे पुष्ट तथ्य के बजाय अपुष्ट रिपोर्ट के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

ताजा हमले ऐसे समय हुए हैं जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को लेकर जोखिम पहले से बढ़ा हुआ है। इस वजह से ऊर्जा बाजार, शिपिंग लागत और तेल आयात करने वाले देशों पर संभावित असर पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक के लिए लंबे समय तक ऊंची कच्चे तेल की कीमतें आयात बिल और रुपये पर दबाव बढ़ा सकती हैं, हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव अवधि और कीमतों की दिशा पर निर्भर करेगा।

फिलहाल सऊदी अधिकारियों ने ऊर्जा प्रतिष्ठानों के संचालन को बनाए रखने के लिए कदम उठाने की बात कही है। हमलों से जुड़े नुकसान और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।