सऊदी अरब में मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को यमन के हूती समूह की ओर से किए गए हमलों के बाद देश के दक्षिणी हिस्सों में कई ऊर्जा प्रतिष्ठानों के संचालन पर असर पड़ा। सऊदी अधिकारियों के अनुसार हमलों से लगी आग और अन्य घटनाओं में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं।
रॉयटर्स के अनुसार घटनाएं अबहा, खमीस मुशैत, जजान और नजरान क्षेत्रों में सामने आईं। आपातकालीन दलों को आग पर काबू पाने और प्रभावित स्थानों की स्थिति का आकलन करने के लिए लगाया गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने कहा है कि प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और संचालन की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इस घटनाक्रम का असर सिर्फ स्थानीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच तेल बाजार पहले ही दबाव में है। रॉयटर्स की बाजार रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI भी तेजी में रहा। बाजार की चिंता इस बात को लेकर है कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है तो खाड़ी क्षेत्र से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
रॉयटर्स ने यह भी बताया है कि जजान में सऊदी अरामको की कुछ सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं, लेकिन इस हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अरामको की ओर से तत्काल सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई थी। इसलिए इसे पुष्ट तथ्य के बजाय अपुष्ट रिपोर्ट के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
ताजा हमले ऐसे समय हुए हैं जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को लेकर जोखिम पहले से बढ़ा हुआ है। इस वजह से ऊर्जा बाजार, शिपिंग लागत और तेल आयात करने वाले देशों पर संभावित असर पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक के लिए लंबे समय तक ऊंची कच्चे तेल की कीमतें आयात बिल और रुपये पर दबाव बढ़ा सकती हैं, हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव अवधि और कीमतों की दिशा पर निर्भर करेगा।
फिलहाल सऊदी अधिकारियों ने ऊर्जा प्रतिष्ठानों के संचालन को बनाए रखने के लिए कदम उठाने की बात कही है। हमलों से जुड़े नुकसान और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।