यूक्रेन और पोलैंड की सीमा के बेहद करीब रविवार को हुए रूसी ड्रोन हमले ने यूरोप की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेनी और पोलिश अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन के याहोदीन क्षेत्र में पोलैंड की सीमा से करीब 800 मीटर दूर एक ट्रक को निशाना बनाया गया। हमले के बाद डोरोहुस्क-याहोदीन सीमा पारगमन केंद्र की गतिविधियां कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं, हालांकि बाद में आवाजाही बहाल कर दी गई।
रॉयटर्स के अनुसार, पोलिश बॉर्डर गार्ड ने बताया कि हमला पोलिश सीमा से बहुत कम दूरी पर हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि हमले में सीमा के पास मौजूद बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पोलिश क्षेत्र में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इसी दौरान यूक्रेन के वोलिन क्षेत्र में कीव से वारसॉ जा रही एक यात्री ट्रेन की लोकोमोटिव पर भी ड्रोन हमला हुआ। यह स्थान पोलैंड की सीमा से करीब दो किलोमीटर दूर बताया गया है। यूक्रेनी रेलवे के अनुसार, चालक दल को समय रहते ड्रोन खतरे की चेतावनी मिल गई थी, इसलिए ट्रेन में सवार लोगों के बीच किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पोलिश अधिकारियों ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। सीमा के इतने करीब हमले ने इस आशंका को फिर सामने ला दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का असर यूरोपीय संघ और NATO की सीमाओं के और करीब पहुंच रहा है। हालांकि, इस घटना को पोलिश क्षेत्र पर हमला नहीं कहा गया है और उपलब्ध जानकारी के अनुसार पोलैंड की सीमा के भीतर कोई रूसी हमला दर्ज नहीं हुआ।
रूस और यूक्रेन के बीच लंबी दूरी के ड्रोन हमले हाल के दिनों में तेज हुए हैं। रूस का कहना है कि उसके हमले सैन्य और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हैं, जबकि यूक्रेन ऐसे हमलों को अपने नागरिक और परिवहन ढांचे के लिए गंभीर खतरा बताता है। इस घटना के बाद पश्चिमी देशों के लिए सीमा सुरक्षा और हवाई रक्षा पर दबाव बढ़ सकता है।
इस बीच, युद्ध को लेकर कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और चीन ने शांति प्रयासों और संवाद की जरूरत पर जोर दिया है। रूस ने अक्टूबर में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच त्रिपक्षीय बातचीत फिर शुरू करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। हालांकि, जमीनी स्तर पर जारी हमले बताते हैं कि संघर्ष अभी भी बेहद संवेदनशील चरण में है।
महत्वपूर्ण: इस रिपोर्ट में हमले से जुड़ी जानकारी को यूक्रेनी और पोलिश अधिकारियों तथा विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। युद्ध क्षेत्र से आने वाली शुरुआती सूचनाएं बदल सकती हैं, इसलिए आगे की आधिकारिक जानकारी के साथ घटनाक्रम में बदलाव संभव है।