मैनचेस्टर: प्रीमियर लीग के बहुप्रतीक्षित मैनचेस्टर डर्बी में मैनचेस्टर सिटी ने 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए मैनचेस्टर यूनाइटेड को 1-0 से हरा दिया। ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए मुकाबले का एकमात्र गोल एर्लिंग हैलैंड ने किया। यह मुकाबला 13 सितंबर 2026 को खेला गया और भारतीय समयानुसार 14 सितंबर की शुरुआती घंटों में इसकी ताजा रिपोर्टिंग सामने आई।
मैच का सबसे बड़ा मोड़ सिटी के खिलाड़ी फिल फोडेन को लाल कार्ड मिलने के बाद आया। सिटी को लंबे समय तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, लेकिन टीम ने रक्षात्मक अनुशासन बनाए रखा और यूनाइटेड को बराबरी का गोल नहीं करने दिया।
VAR के बाद मान्य हुआ हैलैंड का गोल
दूसरे हाफ में हैलैंड ने सिटी को बढ़त दिलाई। शुरुआती तौर पर ऑफसाइड के कारण गोल को अमान्य किया गया था, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद फैसला बदला गया और गोल को मान्यता दे दी गई। यही गोल अंत तक मैच का निर्णायक अंतर बना रहा।
10 खिलाड़ियों के बावजूद सिटी की जीत
फिल फोडेन को शुरुआती चरण में लाल कार्ड मिलने के बाद सिटी के लिए मुकाबला और कठिन हो गया था। इसके बावजूद टीम ने अपनी बढ़त बचाए रखी। यूनाइटेड की ओर से मार्कस रैशफोर्ड और कोबी मेनू ने पोस्ट पर गेंद लगाई, लेकिन मेजबान टीम इन मौकों को गोल में नहीं बदल सकी।
इस जीत के साथ सिटी ने इस सीजन के पहले मैनचेस्टर डर्बी में महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए। मुकाबले का नतीजा खास तौर पर इसलिए भी अहम रहा क्योंकि सिटी ने अधिकांश समय एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद जीत दर्ज की।
मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए बढ़ी चुनौती
यूनाइटेड को घरेलू मैदान पर हार का सामना करना पड़ा। टीम ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन सिटी की रक्षापंक्ति और गोलकीपर के सामने उसे सफलता नहीं मिली। मैच के दौरान मिले अवसरों को भुनाने में नाकामी ने घरेलू टीम की मुश्किल बढ़ा दी।
क्या रहा मैच का निष्कर्ष?
मैनचेस्टर डर्बी का यह मुकाबला हैलैंड के निर्णायक गोल, VAR के फैसले और सिटी के 10 खिलाड़ियों के साथ जीत हासिल करने के कारण चर्चा में है। ताजा रिपोर्टिंग के अनुसार, सिटी ने 1-0 की जीत के साथ डर्बी में बाजी मारी, जबकि यूनाइटेड को अपने ही मैदान पर अंक गंवाने पड़े।
स्रोत: उपलब्ध ताजा मैच रिपोर्टिंग और Reuters की मैच रिपोर्ट के आधार पर तथ्य सत्यापित किए गए हैं।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध सत्यापित रिपोर्टों पर आधारित है। मैच से जुड़े आंकड़ों या आधिकारिक रिकॉर्ड में बाद में कोई संशोधन होने पर जानकारी अपडेट की जा सकती है।