नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026: यमन में ईरान समर्थित हूती बलों की तेज सैन्य बढ़त ने लाल सागर के अहम समुद्री मार्ग को लेकर चिंता बढ़ा दी है। Reuters की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हूती लड़ाके बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास अपनी स्थिति मजबूत कर चुके हैं और पेरिम द्वीप तक पहुंचने की सूचना है।
बाब-अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ता है। इस रास्ते पर किसी बड़े व्यवधान का असर एशिया-यूरोप समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग लागत पर पड़ सकता है। Reuters ने बताया है कि संभावित नियंत्रण की स्थिति अमेरिका के लिए भी नई रणनीतिक चुनौती पैदा कर सकती है।
इस बीच मानवीय स्थिति भी गंभीर होती जा रही है। IOM के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया है कि पश्चिमी यमन में हाल की लड़ाई से लगभग 46,000 लोग विस्थापित हुए हैं। रणनीतिक तटीय इलाकों में संघर्ष बढ़ने से राहत पहुंचाने वाली एजेंसियों के लिए भी काम कठिन हो रहा है।
वैश्विक बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि बाब-अल-मंदेब में जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक बाधित होती है तो जहाजों को अफ्रीका के दक्षिणी सिरे से लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ सकता है। इससे समय, ईंधन और माल ढुलाई लागत बढ़ सकती है।
स्रोत: Reuters और IOM से संबंधित 12 सितंबर 2026 की रिपोर्टों के आधार पर स्वतंत्र समाचार-संश्लेषण।
