नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: भारत में भ्रूण के लिंग की पहचान से जुड़े प्रतिबंधित टेस्ट किट ऑनलाइन उपलब्ध होने का मामला सामने आने के बाद eBay ने अपनी लिस्टिंग की आंतरिक समीक्षा शुरू की है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर ऐसे किट की डिलीवरी भारत में उपलब्ध थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद eBay ने कम-से-कम नौ संबंधित लिस्टिंग हटा दीं और यह जांच शुरू की कि उसके नियंत्रणों के बावजूद ये उत्पाद भारतीय खरीदारों तक पहुंचने की स्थिति में कैसे आए।
मामला सामने कैसे आया
Reuters ने बताया कि साइबर सुरक्षा फर्म FalconFeeds की ओर से मिले संकेतों के बाद प्लेटफॉर्म पर कुछ ऐसे उत्पादों की उपलब्धता की जांच की गई। इनमें SneakPeek और Peekaboo जैसे ब्रांडों के किट शामिल थे। कुछ लिस्टिंग की कीमत करीब 156 अमेरिकी डॉलर तक बताई गई। eBay का भारत के लिए अलग स्थानीय ऑनलाइन स्टोर नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विक्रेताओं से भारत में डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध होने के कारण ऐसी लिस्टिंग भारतीय ग्राहकों तक पहुंच सकती थीं।
भारत में क्यों गंभीर है मामला
भारत में गर्भस्थ शिशु के लिंग की पहचान और उसके आधार पर लिंग-चयन को रोकने के लिए कानूनी प्रावधान लागू हैं। ऐसे उत्पादों की बिक्री, विज्ञापन या इस्तेमाल कानून के उद्देश्य के विपरीत है क्योंकि इनका दुरुपयोग लिंग-चयनात्मक गर्भपात को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इनकी उपलब्धता केवल ई-कॉमर्स नियमों का मुद्दा नहीं, बल्कि लैंगिक भेदभाव और सार्वजनिक नीति से जुड़ा विषय भी है।
eBay ने क्या कार्रवाई की
eBay ने संबंधित लिस्टिंग हटाने के साथ अपने नियंत्रणों की समीक्षा शुरू करने की बात कही है। कंपनी का कहना है कि वह यह समझने की कोशिश कर रही है कि प्रतिबंधित उत्पाद उसकी नीतियों और उपलब्ध नियंत्रणों के बावजूद प्लेटफॉर्म पर कैसे सूचीबद्ध हुए। इस कदम को तत्काल अनुपालन कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि भारत में ऐसे सभी ऑनलाइन ऑफरों पर रोक लग गई है।
निर्माता की प्रतिक्रिया भी अहम
Reuters के अनुसार Peekaboo किट बनाने वाली DNA Diagnostics Center ने भारत में इन बिक्री को अधिकृत करने से इनकार किया है। कंपनी ने कहा कि वह थर्ड-पार्टी पुनर्विक्रेताओं की गतिविधियों पर पूरा नियंत्रण नहीं रखती। इसका अर्थ है कि किसी ऑनलाइन लिस्टिंग का मौजूद होना अपने-आप में निर्माता की अनुमति या आधिकारिक वितरण साबित नहीं करता।
Google और दूसरे प्लेटफॉर्म भी निगरानी में
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जेंडर प्रेडिक्शन से जुड़े Peekaboo के प्रचार वाले लिंक हटाने के लिए Google को नोटिस भेजे थे। Reuters ने कुछ लिंक के बने रहने की जानकारी भी दी है। इससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित या संवेदनशील स्वास्थ्य-संबंधी उत्पादों की निगरानी और प्रवर्तन की चुनौती सामने आती है।
आगे क्या होगा
eBay की आंतरिक समीक्षा के नतीजे से यह स्पष्ट हो सकता है कि भारत में डिलीवरी वाली ऐसी लिस्टिंग किस स्तर पर उसके कंटेंट और प्रोडक्ट-कंट्रोल सिस्टम से निकल गईं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि किसी एक कंपनी की कार्रवाई से समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। ऐसे मामलों में प्लेटफॉर्म की निगरानी, विक्रेताओं की जवाबदेही और भारतीय कानूनों का अनुपालन तीनों महत्वपूर्ण रहेंगे।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों, विशेष रूप से Reuters की 8 सितंबर 2026 की रिपोर्ट, पर आधारित है। आरोप, जांच और कंपनी के बयानों को स्थापित न्यायिक निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।