नई दिल्ली: आईटी कंपनी Wipro ने बताया है कि उसके हालिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कार्यक्रमों से ऐसी उत्पादकता क्षमता बनी है जो करीब 20,000 कर्मचारियों के काम के बराबर है। कंपनी के CTO के मुताबिक इस क्षमता को कर्मचारियों की संख्या घटाने के बजाय दूसरी भूमिकाओं और नए कामों में लगाया जा रहा है।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, Wipro में जून 2026 तक करीब 2.43 लाख कर्मचारी थे और 1 लाख से अधिक कर्मचारियों को उन्नत AI कौशल में प्रशिक्षित व प्रमाणित किया जा चुका है। कंपनी अब मानव-AI आधारित कामकाजी मॉडल की ओर बढ़ रही है।
Wipro का कहना है कि AI से मिलने वाली शुरुआती productivity gains के बाद उसका अगला लक्ष्य ग्राहक अनुभव, नए revenue streams और वास्तविक कारोबारी परिणामों पर ध्यान देना है। कंपनी ने अभी AI से अलग से होने वाली आय का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।
भारतीय IT services sector में AI adoption तेज होने के बीच यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनियां automation से मिलने वाली क्षमता को सीधे headcount cuts के बजाय reskilling, redeployment और नए AI-enabled services में बदलने की कोशिश कर रही हैं।
स्रोत: Reuters की रिपोर्ट और कंपनी के सार्वजनिक रूप से बताए गए आंकड़े।
