📅 11 Sep 2026 | 📍 नई दिल्ली, भारत

GHAR TAK EXPRESS NEWS

भारत का अपना नंबर 1 न्यूज़ पोर्टल

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 BRICS में डिजिटल करेंसी कनेक्शन पर भारत का जोर, सीमा-पार भुगतान आसान बनाने की तैयारी🔴 शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूटा; महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता🔴 रुपये पर दबाव बढ़ा तो RBI सक्रिय, कच्चे तेल की कीमतों के बीच डॉलर के मुकाबले 95.79 तक फिसली भारतीय मुद्रा🔴 भारत का अपना स्पेस स्टेशन 2035 तक, चंद्रमा पर मानव मिशन 2040 का लक्ष्य; PM मोदी ने दुनिया को बताया नया रोडमैप🔴 गोंडा में व्यापारी की मौत पर संजय निषाद का लखनऊ में धरना, तीन पुलिसकर्मी निलंबित🔴 RBI-SEBI का ‘Demat 2.0’ पायलट शुरू, कॉरपोरेट बॉन्ड में टोकनाइजेशन की नई शुरुआत🔴 पुतिन दिल्ली पहुंचे, BRICS समिट से पहले मोदी के साथ अहम मुलाकात आज; दुनिया की नजर भारत पर🔴 यमन के मोखा बंदरगाह पर हूतियों का कब्जा, बाब-अल-मंदेब में बढ़ा खतरा; भारत समेत वैश्विक व्यापार पर नजर🔴 आजम खान समेत 5 पर FIR, हज हाउस की जमीन की बिक्री में अनियमितता का आरोप; विजिलेंस जांच तेज🔴 Wipro में AI का असर: 20 हजार कर्मचारियों के बराबर क्षमता मुक्त, कंपनी ने कहा- लोगों को दूसरी भूमिकाओं में लगाया

आजम खान समेत 5 पर FIR, हज हाउस की जमीन की बिक्री में अनियमितता का आरोप; विजिलेंस जांच तेज

संपादक: Ghar Tak Express News | प्रकाशित: 11 सितम्बर 2026, 01:21 पूर्वाह्न
WhatsApp Facebook

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विजिलेंस एस्टैब्लिशमेंट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व यूपी राज्य हज समिति अध्यक्ष आजम खान समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला लखनऊ में हज हाउस के निर्माण के लिए खरीदी गई करीब 60,000 वर्गफुट जमीन की बिक्री में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार, मामले में हज समिति के दो पूर्व सचिव और दो निजी डेवलपर्स भी नामजद हैं। जांच एजेंसी ने जमीन के लेन-देन और उससे जुड़े निर्णयों में कथित गड़बड़ियों की जांच शुरू की है।

यह कार्रवाई आरोपों पर आधारित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति को दोषी सिद्ध नहीं करता और अंतिम जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ जमीन की खरीद, बिक्री और हज हाउस से जुड़े प्रशासनिक निर्णयों के दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

स्रोत: उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार रिपोर्ट। आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि लंबित है।