नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने डेरिवेटिव्स बाजार में एक्सपायरी के दिन settlement price तय करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए नए बदलावों का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित व्यवस्था में Closing Auction Session (CAS) के साथ Volume Weighted Average Price (VWAP) को भी शामिल करने की बात कही गई है।
SEBI के इस प्रस्ताव का सीधा असर इंडेक्स और single-stock derivatives के expiry-day settlement पर पड़ेगा। नियामक का उद्देश्य settlement price को बाजार की वास्तविक ट्रेडिंग गतिविधि के ज्यादा करीब लाना और closing process में पारदर्शिता तथा दक्षता बढ़ाना है।
क्या बदलने का प्रस्ताव है?
Reuters की 12 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक SEBI ने expiry days पर settlement price तय करने के लिए मौजूदा Closing Auction Session व्यवस्था को संशोधित करने का प्रस्ताव रखा है। नई पद्धति में CAS के साथ VWAP को भी ध्यान में रखने की योजना है।
SEBI ने derivatives segment में closing auction process में भी बदलाव सुझाए हैं। प्रस्ताव के अनुसार price band को और कड़ा किया जा सकता है और post-closing auction window को 10 मिनट से घटाकर 5 मिनट करने का सुझाव दिया गया है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?
डेरिवेटिव्स में expiry day पर settlement price महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उसी कीमत के आधार पर कई contracts का अंतिम हिसाब तय होता है। अगर settlement methodology में बदलाव लागू होता है तो expiry के समय index और individual stocks में price discovery की प्रक्रिया पर उसका असर पड़ सकता है।
हालांकि यह अभी प्रस्तावित बदलाव है। इसे अंतिम नियम मानना उचित नहीं होगा। SEBI की आगे की प्रक्रिया, प्राप्त टिप्पणियों और अंतिम अधिसूचना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-से प्रावधान किस रूप में लागू होंगे।
बाजार की पारदर्शिता पर जोर
CAS और VWAP जैसे बाजार-आधारित संकेतकों को settlement methodology में शामिल करने का प्रस्ताव इस बात की ओर संकेत करता है कि नियामक expiry-day pricing को अधिक प्रतिनिधिक बनाने पर जोर दे रहा है। खासकर ऐसे समय में जब expiry sessions में कारोबार और price movements तेजी से बदल सकते हैं, settlement price की पद्धति बाजार प्रतिभागियों के लिए महत्वपूर्ण होती है।
Ghar Tak Express की पड़ताल: यह रिपोर्ट उपलब्ध नियामकीय प्रस्ताव और Reuters की 12 सितंबर 2026 की रिपोर्ट पर आधारित है। इसमें प्रस्तावित बदलावों को अंतिम नियम के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। SEBI की अंतिम अधिसूचना आने के बाद नियमों में किसी बदलाव की स्थिति में इस खबर को अपडेट किया जाएगा।