लखनऊ: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगारपरक परिवर्तन (PM-SETU) योजना के तहत आठ शहरों में आईटीआई क्लस्टर विकसित करने की तैयारी है। इनमें गोरखपुर भी शामिल है। यह पहल प्रशिक्षण को स्थानीय उद्योगों की मांग से जोड़ने पर केंद्रित है।
किन आठ शहरों को शामिल किया गया है?
द टाइम्स ऑफ इंडिया की 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के लिए कानपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा में आठ क्लस्टर चिन्हित किए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन स्थानों के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग ने क्लस्टर-विशिष्ट प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
आईटीआई में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं?
PM-SETU का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों से जोड़ना है। रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में योजना के तहत 1,000 सरकारी आईटीआई को उन्नत बनाने की परिकल्पना है—200 हब संस्थान और 800 स्पोक संस्थान। हब आईटीआई में उन्नत सुविधाएँ विकसित करने और आसपास के स्पोक संस्थानों तक प्रशिक्षण संसाधन पहुँचाने का मॉडल प्रस्तावित है।
उत्तर प्रदेश के आठ क्लस्टरों में कुल 32 आईटीआई चिन्हित किए जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है। हर क्लस्टर में एक हब और चार स्पोक आईटीआई का ढाँचा प्रस्तावित है। इससे प्रयोगशालाओं, आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षकों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के संसाधनों को साझा करने में मदद मिल सकती है।
गोरखपुर और पूर्वांचल के युवाओं के लिए क्यों अहम?
गोरखपुर क्लस्टर पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए तकनीकी कौशल प्रशिक्षण को स्थानीय रोजगार अवसरों से जोड़ने का अवसर बन सकता है। इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल ट्रेड, विनिर्माण और निर्माण-संबंधी तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण की उपयोगिता तभी बढ़ेगी, जब पाठ्यक्रम और उपकरण वास्तविक उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक हों। हालांकि, इससे कितनी नौकरियाँ मिलेंगी या किस संस्थान में कौन-सा कोर्स शुरू होगा, इसकी पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है।
उद्योगों की भागीदारी और आगे की प्रक्रिया
योजना में उद्योगों की भागीदारी के जरिए पाठ्यक्रम तैयार करने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने, प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने, अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जुड़ाव बढ़ाने पर जोर है। रिपोर्ट के मुताबिक, आगे की प्रक्रिया में प्रत्येक क्लस्टर के लिए उद्योग साझेदारों और विस्तृत निवेश योजनाओं को अंतिम रूप देना महत्वपूर्ण होगा। इसलिए इसे तत्काल नौकरी या हर आईटीआई में सुविधाएँ शुरू होने की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
छात्रों और अभिभावकों को सलाह है कि दाखिले, नए कोर्स या भर्ती से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए संबंधित सरकारी आईटीआई और कौशल विकास विभाग की आधिकारिक सूचना देखें। केवल योजना के नाम पर किसी एजेंट को पैसे न दें।
स्रोत
यह रिपोर्ट द टाइम्स ऑफ इंडिया की 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में दी गई जानकारी के आधार पर स्वतंत्र रूप से तैयार की गई है। मूल रिपोर्ट पढ़ें।
