नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित सिंह दरबार में प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में आयोजित इस बैठक में देश के समसामयिक राजनीतिक, आर्थिक, प्रशासनिक तथा विकास संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के साथ-साथ जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक के एजेंडे में आगामी विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने के उपाय, रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना के विस्तार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार तथा प्राकृतिक आपदा प्रबंधन से जुड़े विषय प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तुत प्रशासनिक नियुक्तियों, बजटीय संशोधनों तथा नई नीतियों पर भी मंत्रिपरिषद विचार करेगी।

बैठक को सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने तथा सुशासन सुनिश्चित करने को लेकर सरकार पर अपेक्षाएँ बढ़ी हैं। मंत्रिपरिषद की बैठक में इन मुद्दों पर ठोस रणनीति तैयार किए जाने की संभावना है ताकि विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार इस बैठक के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। इसके अलावा सार्वजनिक परियोजनाओं में तेजी लाने और निवेश आकर्षित करने के लिए नई नीतिगत पहल पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में सुबह निर्धारित समय पर मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ हुई। बैठक में सभी संबंधित मंत्री, मुख्य सचिव तथा विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपने-अपने मंत्रालयों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। इसके बाद एजेंडा के अनुसार विभिन्न विषयों पर चर्चा प्रारंभ हुई।
बैठक के दौरान आर्थिक विकास को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाने, सरकारी परियोजनाओं में तेजी लाने तथा निजी क्षेत्र के साथ समन्वय मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। वित्त मंत्रालय ने राजस्व संग्रह, बजट कार्यान्वयन तथा सार्वजनिक निवेश की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। वहीं उद्योग, पर्यटन तथा ऊर्जा मंत्रालयों ने अपने-अपने क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रस्ताव रखे।

शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषय भी बैठक के प्रमुख एजेंडों में शामिल रहे। शिक्षा मंत्रालय ने विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने तथा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा प्रस्तुत की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों में सेवाओं के विस्तार, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के समक्ष रखे। बैठक में आपदा प्रबंधन तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर भी गंभीर चर्चा की गई। हाल के वर्षों में बाढ़, भूस्खलन तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए राहत एवं बचाव तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति व्यक्त की गई। मंत्रिपरिषद ने संबंधित मंत्रालयों को आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने तथा स्थानीय सरकारों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश देने पर विचार किया। बैठक समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से लिए गए निर्णयों की औपचारिक जानकारी प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से सार्वजनिक किए जाने की संभावना जताई गई।
Report : GT Express
