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नेपाल बाढ़ संकट के बीच भारत की बड़ी मदद, चौथा राहत विमान 11 टन सामग्री के साथ काठमांडू पहुंचा

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 30 अगस्त 2026, 05:12 अपराह्न
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काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त 2026 से जारी भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच भारत ने राहत अभियान तेज करते हुए 30 अगस्त को चौथा राहत विमान काठमांडू भेजा। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस उड़ान में 11 टन राहत सामग्री के साथ सुरंगों में खोज एवं बचाव के लिए तकनीकी टीम, फोरेंसिक विशेषज्ञ और डीएनए विश्लेषण से जुड़ा उपकरण शामिल है।

चौथे विमान में क्या भेजा गया

राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके साथ विशेष तकनीकी दल और खोज-बचाव उपकरण भी भेजे गए हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम प्रभावित इलाकों में पहचान संबंधी काम में सहायता कर सकती है।

भारत से अब तक 68.5 टन राहत

30 अगस्त तक भारत चार राहत उड़ानों के जरिए नेपाल को कुल 68.5 टन राहत सामग्री पहुंचा चुका है। भारतीय सहायता में अब सामान्य राहत सामग्री के साथ विशेष तकनीकी क्षमता भी शामिल हो गई है। भारतीय तकनीकी दल ने बाढ़ प्रभावित त्रिशूली क्षेत्र में हाइड्रोपावर सुरंगों की स्थिति का जायजा भी लिया है।

बचाव अभियान के सामने बड़ी चुनौती

नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुछ हाइड्रोपावर सुरंगों में लोगों के फंसे होने की आशंका के कारण विशेष बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। बढ़ता जलस्तर और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां राहत दलों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

भारत की सहायता क्यों महत्वपूर्ण

भारत की सहायता अब केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तक सीमित नहीं है। तकनीकी बचाव दल, फोरेंसिक विशेषज्ञ और विशेष उपकरण भेजे जाने से खोज, बचाव और पहचान प्रक्रिया को भी मदद मिल रही है। नेपाल में हालात सामान्य होने तक राहत और पुनर्वास की जरूरत बनी रहने की संभावना है।

स्रोत: भारत के विदेश मंत्रालय की जानकारी तथा 30 अगस्त 2026 की विश्वसनीय समाचार रिपोर्टें। आपदा से जुड़े मृतक और लापता लोगों के आंकड़े राहत अभियान के दौरान बदल सकते हैं।