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नेपाल-तिब्बत बाढ़: मौतों का आंकड़ा 750 के करीब, 3 हजार से ज्यादा लोग लापता

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 30 अगस्त 2026, 12:47 अपराह्न
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नेपाल-तिब्बत बाढ़: मौतों का आंकड़ा 750 के करीब, 3 हजार से ज्यादा लोग लापता

काठमांडू/बीजिंग: नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर से जुड़ी भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। 30 अगस्त 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में 734 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और करीब 2,498 लोग अब भी लापता हैं। तिब्बत में 16 मौतों और 546 लोगों के लापता होने की सूचना है। दोनों आंकड़ों को मिलाने पर मृतकों की संख्या 750 और लापता लोगों की संख्या 3,000 से अधिक हो जाती है।

आपदा की शुरुआत 26 अगस्त को हिमालयी सीमा क्षेत्र में ग्लेशियर/मलबे के बड़े पैमाने पर खिसकने और उसके बाद अचानक आई बाढ़ से हुई। तेज बहाव ने सड़क, पुल, बस्तियों और जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। राहत दल अब खास तौर पर उन सुरंगों और परियोजना क्षेत्रों में तलाश कर रहे हैं जहां कर्मचारी फंसे होने की आशंका है।

भारत से जुड़े लोग भी लापता

चीनी अधिकारियों के अनुसार तिब्बत में लापता विदेशी नागरिकों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। भारत की ओर से भी नेपाल में फंसे और लापता नागरिकों को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है। इससे यह आपदा भारत के लिए भी महत्वपूर्ण मानवीय चिंता बन गई है।

बचाव अभियान में जुटे हजारों कर्मी

नेपाल में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां बचाव कार्य में लगी हैं। चीन ने भी 2,100 से अधिक राहतकर्मियों को तैनात करने और आपात सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। कई इलाकों में मलबा, खराब मौसम और नदी का तेज बहाव अभियान को कठिन बना रहा है।

क्यों बढ़ी चिंता?

अधिकारियों और विशेषज्ञों की चिंता सिर्फ मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं है। हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों और ग्लेशियल झीलों की अस्थिरता के कारण आगे भी अचानक बाढ़ का जोखिम बना हुआ है। इसलिए प्रभावित इलाकों की निगरानी और समय पर चेतावनी को प्राथमिकता दी जा रही है।

राहत और बचाव अभियान की स्थिति

नेपाल में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां बचाव अभियान में जुटी हैं। चीन की ओर से भी राहतकर्मियों की तैनाती और आपात सहायता की जानकारी दी गई है। मलबा, खराब मौसम और तेज बहाव के कारण कई क्षेत्रों में बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

आगे की चुनौती

हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर और ग्लेशियल झीलों से जुड़े जोखिम को देखते हुए प्रभावित इलाकों की निगरानी, समय पर चेतावनी और सुरक्षित निकासी महत्वपूर्ण है। लापता लोगों की संख्या में आधिकारिक अपडेट के साथ बदलाव संभव है, इसलिए अंतिम आंकड़ों के लिए संबंधित सरकारी एजेंसियों की सूचनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

स्रोत: Reuters, 30 अगस्त 2026; नेपाल और चीन से उपलब्ध आधिकारिक/मीडिया अपडेट।