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चौरा पचरुखिया संपर्क मार्ग की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा कहा अबकी बार आंदोलन तय

संपादक: Vipendra Yadav | प्रकाशित: 12 Nov 2025, 02:15 PM
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फाजिलनगर (कुशीनगर): विकास खंड फाजिलनगर के अंतर्गत आने वाला चौरा–पचरुखिया संपर्क मार्ग आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वर्षों से इस सड़क की हालत बदतर बनी हुई है जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में तो यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। फाजिलनगर–बघौच मार्ग से जुड़ने वाला यह संपर्क मार्ग जनपद देवरिया के पत्थरदेवा और तरकुलवा ब्लॉक के दर्जनों गांवों को सीधे जोड़ने का काम करता है। यह सड़क ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही, किसानों की फसलों की ढुलाई और स्थानीय व्यापार का मुख्य माध्यम है, लेकिन इसकी जर्जर स्थिति ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है।

हर बरसात में सड़क बन जाती है दलदल

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, इस तीन किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग की मरम्मत कई बार की जा चुकी है लेकिन हर बार मरम्मत के कुछ ही महीनों बाद यह फिर से उखड़ जाती है। बरसात के मौसम में यह सड़क पूरी तरह दलदल में बदल जाती है। जगह-जगह पानी भर जाने से गड्ढे और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं। कई बार तो बाइक सवार और पैदल यात्री दुर्घटनाग्रस्त भी हो जाते हैं। गांव के बुजुर्ग रामविलास यादव बताते हैं यह सड़क हर बार मरम्मत के नाम पर सिर्फ दिखावा बनकर रह जाती है। बारिश आते ही पूरी सड़क बह जाती है। कई बार शिकायत की गई लेकिन विभाग ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला।

ठेकेदारों की लापरवाही और विभागीय उदासीनता पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी के कारण सड़क की स्थिति साल-दर-साल बिगड़ती जा रही है। सड़क निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जाता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार सस्ती क्वालिटी की सामग्री लगाकर औपचारिकता पूरी कर देते हैं, जिससे कुछ ही महीनों में सड़क फिर से टूट जाती है। पूर्व प्रधान विपिन यादव ने कहा यह सड़क हमारे क्षेत्र की जीवनरेखा है। कई बार प्रस्ताव भेजे गए लेकिन न तो पक्की सड़क बनी और न ही चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ। विभाग अगर समय रहते ध्यान नहीं देगा तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसी तरह ग्रामीण राजन निषाद, रघुनाथ राय, सुनील बैठा, राहुल सिंह, मुस्तफा अंसारी, गणेश यादव, अमरेश यादव समेत कई लोगों ने कहा कि सरकार और विभाग सिर्फ कागजों में सड़क बनवा देते हैं जमीनी स्तर पर स्थिति वही की वही रहती है।

दुर्घटनाओं का गढ़ बनता जा रहा है मार्ग

खस्ता हाल इस सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। गहरे गड्ढों और उखड़ी सड़क के कारण दोपहिया वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है। कई बार ग्रामीणों ने घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया है क्योंकि एम्बुलेंस तक इस रास्ते से नहीं गुजर पाती। स्थानीय दुकानदार गणेश प्रसाद ने बताया सड़क में इतने गड्ढे हैं कि कई बार सामान लादे वाहन फंस जाते हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली या छोटा लोडर निकलना तो नामुमकिन हो गया है। प्रशासन को कई बार सूचना दी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों की चेतावनी—नया निर्माण नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन

क्षेत्र के लोगों ने संबंधित विभाग को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि भारी आवागमन वाले इस मार्ग का चौड़ीकरण और नया निर्माण तत्काल कराया जाए ताकि आने-जाने वालों को राहत मिल सके। पूर्व प्रधान विपिन यादव ने कहा यह अब सिर्फ सड़क नही सम्मान का मुद्दा बन चुका है। जब तक नई सड़क नहीं बनेगी तब तक ग्रामीण चैन से नहीं बैठेंगे। अगर सरकार और विभाग ध्यान नहीं देंगे तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।