ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। AP और अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में प्रवेश की कोशिश कर रहे एक अमेरिकी मानवरहित पोत को निशाना बनाया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में नहीं हुई है, इसलिए घटना को ईरानी दावा के रूप में ही देखा जा रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों, समुद्री बीमा और जहाजरानी पर भी पड़ सकता है।
AP की 6 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच पिछले सप्ताह से फिर सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है। इससे पहले अमेरिकी कार्रवाई और ईरानी मिसाइल हमलों से जुड़े दावे सामने आए थे। दोनों पक्ष एक-दूसरे की सैन्य गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का एक बड़ा आर्थिक असर ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। हाल के दिनों में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है। यदि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है तो एशिया समेत दुनिया के कई हिस्सों में तेल आपूर्ति और परिवहन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। भारत के लिए भी यह महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता इस बात को लेकर भी है कि क्या सैन्य घटनाएं सीमित रहेंगी या फिर व्यापक क्षेत्रीय टकराव में बदल सकती हैं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव जारी है, जबकि तेहरान होर्मुज जैसे रणनीतिक मार्गों का इस्तेमाल अपने दबाव के साधन के रूप में कर सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर अमेरिकी मानवरहित पोत पर हमले का ईरानी दावा सत्यापित नहीं हुआ है। ऐसे में आगे आने वाली अमेरिकी, ईरानी और स्वतंत्र समुद्री निगरानी रिपोर्टें यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगी कि वास्तव में क्या हुआ।
स्रोत: Associated Press, 6 सितंबर 2026