अबुआ दिशोम, अबुआ राज की गूंज के बीच सोनभद्र में जनजातीय गौरव दिवस 548 करोड़ की 432 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

548 करोड़ की 432 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी कहलाने वाले और प्राकृतिक धरोहरों से परिपूर्ण सोनभद्र में आज भव्य रूप से जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह के बीच अबुआ दिशोम अबुआ राज की पारंपरिक गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सोनभद्र की जनता एवं विशेष रूप से जनजातीय समाज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की विरासत, परंपराएं, संस्कृति और योगदान भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज को वह सम्मान और पहचान मिल रही है, जिसकी वह लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहा था।
432 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास – 548 करोड़ की बड़ी सौगात
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा ₹548 करोड़ की कुल 432 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। ये परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क विकास, विद्युत, पेयजल, सिंचाई, पर्यटन, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़ी हैं। इन परियोजनाओं से जनपद के दूरस्थ पर्वतीय एवं वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और विकास की गति को नया आयाम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय बहुल इलाके में विकास कार्यों को प्राथमिकता देना सरकार की सर्वोच्च प्रतिबद्धता है।

लाभार्थियों को योजनाओं के प्रमाण-पत्र वितरित
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र तथा स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। जिन योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए गए, उनमें शामिल हैं—
- प्रधानमंत्री आवास योजना
- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
- वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन
- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना
- कृषि एवं पशुपालन से संबंधित अनुदान योजनाएं
लाभार्थियों ने मंच से अपनी बातें रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की योजनाओं ने उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया है।
मिशन शक्ति के तहत महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी वितरण
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिला पुलिस बल को स्कूटी प्रदान करना रहा। मुख्यमंत्री ने स्कूटी की चाबियां सौंपते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा, गश्त, तेज प्रतिक्रिया और घटना स्थलों पर त्वरित पहुंच के लिए महिला पुलिसकर्मियों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है। इससे सोनभद्र सहित पूरे प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

सोनभद्र के पर्यटन पर आधारित पुस्तिका का विमोचन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा सोनभद्र जिले के पर्यटन स्थलों पर आधारित विशेष पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। सोनभद्र जिसे देश का ऊर्जा केंद्र कहा जाता है प्राकृतिक सुंदरता जलप्रपातों, पहाड़ियों, वन संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों का खजाना है। यह पुस्तिका जिले के प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इससे न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।
मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन आदिवासी समाज को संगठित करने उनके अधिकारों की रक्षा करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाकर स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य योगदान दिया। उनके आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास की रोशनी पहुंचाना सरकार का संकल्प है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क निर्माण और वनाधिकार पट्टों पर विशेष कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की मेहनत समर्पण और प्रकृति-प्रेम भारत की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। सरकार उनकी पारंपरिक विरासत की रक्षा के साथ उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने में पूरी तरह समर्पित है।
अंत में मुख्यमंत्री ने सभी जनजातीय बहनों और भाइयों का अभिनंदन करते हुए कहा—
जनजातीय गौरव दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों के संघर्ष संस्कृति और देश के प्रति समर्पण को सम्मान देने का अवसर है। हम सभी इस विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लें। उन्होंने सभी को जनजातीय गौरव दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।


