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वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान दिवस पर प्रतिमा का अनावरण नारी शक्ति और सामाजिक सम्मान का संदेश

संपादक: Ghar Tak Express News | प्रकाशित: 16 नवम्बर 2025, 06:15 अपराह्न
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लखनऊ में आज एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब देश के प्रथम स्वतंत्रता समर की बहादुर सेनानी शहीद वीरांगना ऊदा देवी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। यह कार्यक्रम न केवल एक शहीद वीरांगना के अदम्य साहस को याद करने का अवसर था, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के संदेश को भी मजबूत करता है। कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ऊदा देवी का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह याद दिलाता है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाएं भी पुरुषों की तरह अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहीं।

वीरांगना ऊदा देवी: स्वतंत्रता संग्राम की अदम्य वीरांगना

1857 के स्वतंत्रता संग्राम का नाम लेते ही वीरांगनाओं की एक लड़ी याद आती है जिनके साहस ने ब्रिटिश शासन को हिला दिया था। इन्हीं में एक नाम है ऊदा देवी पासी, जिन्होंने लखनऊ के सिकंदर बाग में अंग्रेजी सेना का मुकाबला करते हुए अपनी जान न्यौछावर कर दी थी। उनकी वीरता को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया जिसकी वे हकदार थीं। लेकिन आज का समारोह उस अन्याय को कुछ हद तक सुधारने का प्रयास है जहां समाज उनकी बहादुरी को फिर से सम्मानपूर्वक याद कर रहा है।

लखनऊ में हुआ स्वाभिमान समारोह और प्रतिमा अनावरण

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था वीरांगना ऊदा देवी की प्रतिमा का अनावरण। प्रतिमा ऊदा देवी के शौर्य आत्मविश्वास और स्वतंत्रता के प्रति समर्पण को दर्शाती है। समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए जिनमें सामाजिक संगठनों, वंचित समाज के प्रतिनिधियों और युवाओं की भागीदारी विशेष रही। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं है बल्कि देश की नारी शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऊदा देवी का बलिदान हमें यह संदेश देता है कि देश की रक्षा और स्वाभिमान के लिए महिलाएं भी किसी से कम नहीं हैं।

नारी शक्ति का सम्मान डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार नारी शक्ति को सम्मान और अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। चाहे महिला सुरक्षा की योजनाएं हों महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना हो या सामाजिक न्याय को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में नारी सशक्तिकरण सबसे ऊपर है। ऊदा देवी के बलिदान दिवस पर सरकार के इस संदेश को दोहराया गया कि वंचित और पिछड़े समाज को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर अवसर देना विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

स्वाभिमान और विरासत: नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

स्वाभिमान समारोह में कई वक्ताओं ने कहा कि ऊदा देवी जैसे वीरों की गाथाओं को स्कूलों कॉलेजों और सार्वजनिक मंचों तक ले जाना आवश्यक है ताकि युवा पीढ़ी अपने इतिहास और विरासत से जुड़ सके। कार्यक्रम में यह भी सुझाव आया कि पासी समाज की इस महान वीरांगना के योगदान पर शोध, पुस्तकों और डॉक्यूमेंटरी को बढ़ावा दिया जाए।

लखनऊ के लोगों ने इस कार्यक्रम को बड़े उत्साह से देखा। स्थानीय महिलाओं ने कहा कि ऊदा देवी की प्रतिमा का अनावरण उनके लिए गर्व का क्षण है। कई महिला समूहों ने इसे नारी सशक्तिकरण का वास्तविक प्रतीक बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिन्होंने ऊदा देवी के इतिहास के बारे में जानकारी हासिल की।

ऊदा देवी पासी समाज से आती थीं जो लंबे समय तक सामाजिक वंचना का सामना करता रहा है। आज का कार्यक्रम इस बात का प्रतीक है कि देश अब ऐसे नायकों को उनके असली सम्मान के साथ याद कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि ऊदा देवी का सम्मान केवल एक वीरांगना का सम्मान नहीं है बल्कि समाज के उस वर्ग का सम्मान भी है जिसे लंबे समय तक मुख्यधारा से अलग रखा गया।