लखनऊ, 1 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। मंगलवार को वाराणसी और चित्रकूट में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक रही। वाराणसी के कुछ इलाकों में जलभराव इतना बढ़ गया कि स्थानीय गलियों में नावों के इस्तेमाल की तस्वीरें सामने आईं, जबकि चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने की कार्रवाई की गई।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाई है। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। लखीमपुर में भी एहतियात के तौर पर स्कूल बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने तथा स्थानीय निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
वाराणसी में जलभराव का असर स्थानीय आवागमन पर भी पड़ा है। चित्रकूट में मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय तेज किए गए हैं। स्थिति पर प्रशासन की निगरानी जारी है और मौसम में सुधार होने तक सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है।
महत्वपूर्ण: नदी का जलस्तर और स्थानीय मौसम तेजी से बदल सकता है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
स्रोत: स्थानीय रिपोर्टों में उद्धृत प्रशासनिक जानकारी/Times of India, 1 सितंबर 2026।