📅 22 अक्टूबर 2026 | 📍 नई दिल्ली, भारत
GHAR TAK EXPRESS NEWS

भारत का अपना न्यूज़ पोर्टल

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 कुशीनगर में कार पेड़ से टकराई, चार युवकों की मौत; तीन घायल🔴 PM-SETU योजना: गोरखपुर समेत यूपी के 8 शहरों में आईटीआई क्लस्टर की तैयारी🔴 कैंसर की 137 दवाओं पर ट्रेड मार्जिन की सीमा, 9 नवंबर से नई दरें लागू🔴 यूक्रेन पहुंचे जर्मन चांसलर मर्ज, रूस के हमलों के बीच 1.35 अरब यूरो की मदद और ड्रोन समझौते पर नजर🔴 पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा: सैनिक का शव लेकर देवरिया जा रही एंबुलेंस ट्रक से टकराई, 4 की मौत🔴 फिरोजाबाद की टायर फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर; जांच की तैयारी🔴 एशियन गेम्स 2026 का समापन, भारत ने शानदार प्रदर्शन के साथ अभियान पूरा किया🔴 यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा🔴 OPEC+ का बड़ा फैसला, नवंबर में तेल उत्पादन लक्ष्य में नहीं होगा बदलाव🔴 दिल्ली-मुंबई में वोटर लिस्ट विवाद पर प्रदर्शन तेज, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

भारत में कोयला बिजली उत्पादन की रफ्तार धीमी, अगस्त में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान बढ़ा

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 01 सितम्बर 2026, 07:13 अपराह्न
WhatsApp Facebook

नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026: भारत के बिजली क्षेत्र में अगस्त के दौरान एक अहम बदलाव दर्ज हुआ। ग्रिड-इंडिया के आंकड़ों के आधार पर Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कोयले से बनने वाली बिजली की वार्षिक वृद्धि दर धीमी पड़ी, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में बढ़ोतरी हुई। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब बिजली की मांग ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।

आंकड़े बताते हैं कि बिजली की बढ़ती जरूरत पूरी करने में कोयला अब भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, लेकिन सौर और पवन ऊर्जा समेत नवीकरणीय स्रोतों का उत्पादन बढ़ने से कुल बिजली मिश्रण में उनका योगदान मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों के लिए यह बदलाव भारत के ऊर्जा संक्रमण की दिशा को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना भारत के लिए बड़ी चुनौती है। उद्योग, घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र में बिजली की जरूरत बढ़ने के साथ उत्पादन क्षमता में लगातार विस्तार जरूरी है। वहीं, नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते हिस्से के कारण ग्रिड प्रबंधन, भंडारण क्षमता और ट्रांसमिशन नेटवर्क पर भी ध्यान देना होगा।

अगस्त के ये आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारत की ऊर्जा व्यवस्था में पारंपरिक ईंधन और नवीकरणीय स्रोत दोनों फिलहाल साथ-साथ महत्वपूर्ण हैं। आने वाले महीनों में मांग, मौसम और नवीकरणीय उत्पादन की स्थिति इस मिश्रण को प्रभावित कर सकती है।

स्रोत: Grid-India के आंकड़ों पर आधारित Reuters रिपोर्ट।