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भारतीय स्पेस स्टार्टअप GalaxEye को अमेरिकी पेटेंट, बादलों और अंधेरे में भी सैटेलाइट इमेजिंग की नई तकनीक

संपादक: Ghar Tak Express News | प्रकाशित: 08 सितम्बर 2026, 05:48 अपराह्न
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नई दिल्ली: भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़ी कंपनी GalaxEye ने सैटेलाइट इमेजिंग तकनीक में एक अहम अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अमेरिका में अपनी उस तकनीक के लिए पेटेंट हासिल किया है, जो ऑप्टिकल और रडार सेंसरों से मिलने वाली तस्वीरों को एक साथ और समन्वित तरीके से रिकॉर्ड करने के लिए विकसित की गई है। Reuters और अन्य स्वतंत्र रिपोर्टों के अनुसार यह तकनीक कंपनी के OptoSAR सिस्टम का आधार है।

इस तकनीक की खासियत यह है कि ऑप्टिकल सेंसर और माइक्रोवेव यानी Synthetic Aperture Radar (SAR) सेंसर एक ही समय और एक-दूसरे से मेल खाते स्थानिक संदर्भ में डेटा हासिल कर सकते हैं। सामान्य ऑप्टिकल इमेजिंग में बादल, कम रोशनी या रात जैसी परिस्थितियां चुनौती बन सकती हैं, जबकि SAR रडार आधारित होने के कारण बादलों के पार और दिन-रात अवलोकन में उपयोगी रहता है। दोनों क्षमताओं को एक साथ इस्तेमाल करने से पृथ्वी की सतह की अधिक निरंतर और उपयोगी जानकारी हासिल करने का लक्ष्य है।

कहां काम आ सकती है यह तकनीक?

GalaxEye के मुताबिक उसकी तकनीक का इस्तेमाल सुरक्षा, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, बीमा, समुद्री निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। ऐसे क्षेत्रों में समय पर और मौसम से कम प्रभावित सैटेलाइट डेटा महत्वपूर्ण होता है। उदाहरण के लिए बाढ़, चक्रवात या भारी बादलों के दौरान ऑप्टिकल तस्वीरों की उपयोगिता घट सकती है, जबकि रडार आधारित अवलोकन स्थिति का आकलन करने में मदद कर सकता है।

30 सैटेलाइट का कॉन्स्टेलेशन बनाने की योजना

कंपनी आने वाले वर्षों में करीब 30 सैटेलाइट का कॉन्स्टेलेशन तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। Reuters के अनुसार GalaxEye ने अब तक करीब 21 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है और बेंगलुरु की StarOps का अधिग्रहण भी किया है, जिससे सैटेलाइट निर्माण और सिस्टम इंजीनियरिंग क्षमता मजबूत करने का लक्ष्य है।

कंपनी ने अपनी पहली सैटेलाइट के जरिए इस तकनीक को कक्षा में ले जाने की दिशा में काम किया है। Times of India की रिपोर्ट के अनुसार Mission Drishti के तहत लॉन्च किया गया पहला मिशन बाद में विफल घोषित किया गया था। इसलिए अमेरिकी पेटेंट को तकनीकी बौद्धिक संपदा की उपलब्धि के रूप में देखना चाहिए, न कि किसी सफल परिचालन कॉन्स्टेलेशन का प्रमाण।

भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए संकेत

भारत में निजी कंपनियों की अंतरिक्ष गतिविधियां बढ़ने के साथ सैटेलाइट डेटा, पृथ्वी अवलोकन और स्पेस-आधारित सेवाओं का बाजार भी विस्तार कर रहा है। GalaxEye का अमेरिकी पेटेंट यह दिखाता है कि भारतीय स्टार्टअप केवल लॉन्च सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सेंसर, डेटा और इमेजिंग जैसी गहरी तकनीकों में भी अपनी बौद्धिक संपदा विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि किसी पेटेंट का मिलना अपने आप में व्यावसायिक सफलता की गारंटी नहीं देता। GalaxEye के सामने अगली चुनौती इस तकनीक को विश्वसनीय रूप से तैनात करने, बड़े पैमाने पर सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने और ग्राहकों के लिए व्यावसायिक रूप से उपयोगी डेटा सेवाएं उपलब्ध कराने की होगी।

तथ्य स्रोत: Reuters, The Times of India और कंपनी से संबंधित सार्वजनिक जानकारी, 8 सितंबर 2026।