लखनऊ/आजमगढ़, 25 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में एक ही नाम से कई प्रविष्टियाँ मिलने के मामले में निर्वाचन अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू की गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) उत्तर प्रदेश ने प्रारंभिक जांच के बाद एक Electoral Registration Officer (ERO) और दो Assistant Electoral Registration Officers (AEROs) के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए आरोपपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) और एक कंप्यूटर सहायक को हटाने तथा उनकी सेवाएँ समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी आदेश दिया गया है।
यह कार्रवाई मतदाता सूची में गड़बड़ी की जांच के बाद हुई है। अधिकारियों के अनुसार, मामला अभी सूची की प्रविष्टियों और उनके सुधार से जुड़ा है; इसे अपने आप में किसी मतदाता द्वारा फर्जी मतदान या चुनावी धोखाधड़ी का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
आजमगढ़ की मतदाता सूची में क्या मिला?
द इंडियन एक्सप्रेस की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला निर्वाचन अधिकारी की जांच रिपोर्ट में 347-आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हिंदी में “विकास यादव” नाम की 13 प्रविष्टियाँ मिलीं। CEO कार्यालय ने बताया कि इनमें से दो प्रविष्टियाँ नियमों के अनुसार पहले ही हटाई जा चुकी थीं।
शेष 11 प्रविष्टियाँ आजमगढ़ जिले में रहने वाले 11 अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित बताई गईं। रिपोर्ट के अनुसार, इन 11 में वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 लोगों के नाम और विवरण सही कराने के लिए Form-8 भरा गया है। इसलिए 13 प्रविष्टियों को एक ही व्यक्ति के 13 बार दर्ज होने के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि समान नाम और पिता के नाम वाला एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है और वह आजमगढ़ की 13 प्रविष्टियों से अलग व्यक्ति है।
किस अधिकारी पर क्या कार्रवाई?
CEO नवदीप रिणवा के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ERO और दोनों AERO के खिलाफ कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही तथा सूची तैयार करने के दौरान निगरानी में कमी के आरोप में कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पांच BLO और कंप्यूटर सहायक को हटाने तथा कंप्यूटर सहायक की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया भी शुरू करने को कहा गया है।
CEO कार्यालय ने आजमगढ़ के जिला निर्वाचन अधिकारी को जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की विस्तृत जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। जांच का दायरा केवल इस नाम की प्रविष्टियों तक सीमित नहीं रखा गया है।
पहले पीलीभीत में भी सामने आई थी सूची संबंधी गड़बड़ी
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश के पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 10,470 प्रविष्टियों में अनियमितताओं की जानकारी सामने आने के बाद वहां भी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। CEO कार्यालय ने पीलीभीत मामले में भी जांच और कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। आजमगढ़ और पीलीभीत के मामलों की प्रकृति और निष्कर्ष अलग-अलग जांच के आधार पर तय होंगे।
मतदाता क्या करें?
मतदाता अपनी प्रविष्टि, नाम, पता और अन्य विवरण आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल या संबंधित निर्वाचन कार्यालय से जांच सकते हैं। किसी गलती की स्थिति में निर्वाचन आयोग के निर्धारित Form-8 के माध्यम से सुधार का अनुरोध किया जा सकता है। किसी व्यक्ति का नाम समान होना अपने आप में दोहरी या फर्जी प्रविष्टि का प्रमाण नहीं है; सुधार और हटाने की कार्रवाई नियमानुसार जांच के बाद ही होनी चाहिए।
स्रोत
यह रिपोर्ट द इंडियन एक्सप्रेस की 25 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट और CEO उत्तर प्रदेश के हवाले से प्रकाशित जांच संबंधी विवरण पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें। मतदाता अपनी जानकारी की पुष्टि के लिए भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।